Sonbhadra News : सोनभद्र को पर्यटन हब बनाने के लिए प्रशासन ने कसी कमर, मगर आसान नहीं डगर
सोनभद्र को पर्यटन हब बनाने के उद्धेश्य से जिलाधिकारी ने मंगलवार को होटल कारोबारियों के साथ एक बैठक कर रणनीति बनाई। लेकिन जानकार मानते हैं कि यह डगर इतना आसान नहीं।

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7:30 PM, September 8, 2026
- जब तक नहीं बढ़ेंगी सुविधाएं, पर्यटक नहीं होंगे आकर्षित
- सड़को का हाल किसी से छिपी नहीं
- कई होटल बिना मानक के चल रहे
- पर्यटक हब बनाने में प्रदूषण भी बड़ी बाधा
- वाराणसी आने वाले पर्यटकों को सोनभद्र तक लाने पर फोकस
शांतनु कुमार
सोनभद्र को पर्यटन हब बनाने के उद्धेश्य से जिलाधिकारी ने मंगलवार को होटल कारोबारियों के साथ एक बैठक कर रणनीति बनाई। लेकिन जानकार मानते हैं कि यह डगर इतना आसान नहीं।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि बैठक का उद्देश्य सोनभद्र को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना, पर्यटकों के ठहराव की व्यवस्था सुदृढ़ करना तथा होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना रहा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में आने वाले पर्यटकों तथा होटलों में रुकने वाले आगंतुकों का विवरण नियमित रूप से जिला पर्यटन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि पर्यटन से जुड़े आंकड़ों के आधार पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके।
उन्होंने होटल व्यवसायियों से आह्वान किया कि शासन द्वारा होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट एवं होमस्टे स्थापित करने के लिए उपलब्ध सब्सिडी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं तथा उद्योग विभाग के माध्यम से एमओयू कराकर अपने प्रतिष्ठानों का विस्तार करें। जिलाधिकारी ने कहा कि वाराणसी एवं आसपास के जनपदों में आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को सोनभद्र के प्राकृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जनपद की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
आपको बता दें कि सोनभद्र को पर्यटन हब बनाने के लिए लम्बे समय से योजना बनाई जा रही है लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। कई सरकारें बदल गयी और कई अधिकारी, हर कोई सोनभद्र के प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ किया और बड़े-बड़े सपने दिखाये मगर धरातल पर कोई खास विकास नहीं हुआ।
जिलाधिकारी होटल व्यवसायियों, ढाबा व रेस्टोरेंट मालिकों के साथ बैठक कर उद्योग विभाग के माध्यम से एमओयू कराने पर जोर दे रहे हैं लेकिन लोगों का कहना है कि जिले में कई होटल आज भी ऐसे हैं जो मानक के अनुरूप नहीं हैं । इसके साथ ही जिले में ज्यादातर सड़क किसी से छिपी नहीं है। साथ ही जिले के कई इलाके प्रदूषण की चपेट में हैं, जो बड़ी बाधा है। लोगों का मानना है कि ऐसे में जिलाधिकारी को पर्यटन क्षेत्र विकसित करने के लिए खनन व्यवसायियों के साथ भी बैठक करना चाहिए ताकि प्रदूषण पर कंट्रोल किया जा सके।
कुल मिलाकर सोनभद्र में पर्यटन बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी ने एक बार फिर पहल शुरू कर दी है लेकिन विदेशी पर्यटकों को सोनभद्र लाने का डगर आसान नहीं है। और इसके लिए जब तक सुविधाएं नहीं बढ़ायी जायेगी तब तक पर्यटक जिले की तरफ आकर्षित नहीं होंगे।
अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन को पर्यटन के क्षेत्र में कितनी सफलता मिलती है।
बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी राजेश कुमार भारती, फायर सेफ्टी एवं इलेक्ट्रिक सेफ्टी के अधिकारी, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, उद्यमी मित्र नितिन प्रकाश सिंह तथा जनपद के होटल व्यवसायी एवं उनके प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।




