Sonbhadra news : चोरों का आतंक! लगातार दूसरे दिन वारदात, पुलिस के सामने चुनौती
चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरमा–मारकुंडी मुख्य मार्ग पर चोरी की लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में भय और आक्रोश व्याप्त है।

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2:11 PM, October 10, 2026
- पहले समरसेबल की केबल चोरी, फिर दुकान के सामने खड़े ट्रैक्टर से 70 किलो चावल पार; एक सप्ताह पूर्व भैंस चोरी होने से ग्रामीणों में दहशत
राकेश चौबे
मारकुंडी, (सोनभद्र)। चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरमा–मारकुंडी मुख्य मार्ग पर चोरी की लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में भय और आक्रोश व्याप्त है। रेलवे अंडरग्राउंड पुलिया के समीप शुक्रवार को वाटर सप्लाई के समरसेबल की केबल चोरी होने के बाद शनिवार की भोर में चोरों ने एक व्यवसायी की दुकान के सामने खड़े ट्रैक्टर पर रखे चावल की बोरी पार कर दी। लगातार दूसरे दिन हुई वारदातों ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
व्यवसायी बेचू साह के मुताबिक, शनिवार की भोर में अज्ञात चोर उनकी दुकान के सामने खड़े ट्रैक्टर पर रखी करीब 70 किलो चावल की बोरी लेकर फरार हो गए। रात के अंधेरे में दुकान के दरवाजे के पास कुछ आहट सुनाई दी। जब तक वह दरवाजा खोलकर बाहर निकलते, तब तक चोर वारदात को अंजाम देकर भाग चुके थे। बताया कि बोरी फटी होने के कारण चावल गिरते हुए घाघर बैराज तक दिखाई दिए।
लगातार चोरी से बढ़ी लोगों की चिंता
क्षेत्र में छोटी-बड़ी चोरी की घटनाएं लगातार सामने आने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं, करीब एक सप्ताह पूर्व महुआव खुर्द निवासी पशुपालक संपत शर्मा की एक भैंस भी चोरी हो गई थी। बताया जाता है कि वह रोजाना की तरह अपनी भैंसों को मारकुंडी के दरबहवा पोखरा के पास बांधकर वहीं रात में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर एक भैंस लेकर फरार हो गए।
पुलिस से कार्यवाई और गश्त बढ़ाने की मांग
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने पुलिस अधीक्षक से अविलंब प्रभावी कार्रवाई करने और चोरों पर अंकुश लगाने की मांग की है। लोगों ने क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने तथा चोरी की घटनाओं का खुलासा कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की अपील की है।
अब देखना यह है कि गुरमा/मारकुंडी क्षेत्र में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं पर चोपन पुलिस और गुरमा पुलिस चौकी कब तक प्रभावी अंकुश लगा पाती हैं और पीड़ितों को कब राहत मिलती है।




