Sonbhadra News : शिवरात्रि पर विद्यालय खोलने के आदेश को तुगलकी फरमान बता शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध
रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व है लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद अब SIR अभियान के तहत रविवार को भी परिषदीय स्कूल खुले रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने.....

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6:22 AM, February 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व है लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद अब SIR अभियान के तहत रविवार को भी परिषदीय स्कूल खुले रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के लिए शिक्षकों और विद्यालयों को महाशिवरात्रि के अवकाश के दिन भी कार्य करना होगा। जिले के विभिन्न प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में इस तरह के फरमान से नाराजगी है, क्योंकि यह आदेश अवकाश के दिन कार्य करने का दबाव डाला जा रहा है। शिक्षक संघों ने इस तरह के आदेशों का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का विरोध किया और शिक्षकों ने अपनी नाराजगी जताई है। वहीं शिक्षकों ने इस आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
उत्तर प्रादेशीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश पाण्डेय ने इस आदेश को अव्यवहारिक बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि लगातार काम के बाद अब हिंदू आस्था के महापर्व महाशिवरात्रि के साथ-साथ रविवार को भी शिक्षकों को छुट्टी नहीं मिल रही है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मंडल अध्यक्ष अखिलेश वत्स ने बताया कि "यह आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी के निर्देश का हवाला देते हुए जारी किया गया है। शिक्षकों का कहना है कि महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख आस्था पर्व है, जिस दिन कई महिला और पुरुष शिक्षक व्रत रखते हैं और घरों व मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में विद्यालय खोलने का आदेश उनकी धार्मिक भावनाओं के विपरीत है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने कहा कि "मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान में शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक के साथ मिलकर सरकार का पूरा सहयोग कर रहे हैं और अवकाश के दिनों में भी विद्यालय खोलकर कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद, आस्था से जुड़े पर्व पर ऐसा आदेश जारी करना शिक्षकों में निराशा उत्पन्न करता है और यह सामाजिक सद्भाव के लिए उचित नहीं है। शिक्षकों ने जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से इस आदेश को रद्द करने की अपील की है ताकि वे श्रद्धापूर्वक पर्व मना सकें।"
शिक्षकों ने मीडिया के माध्यम से जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से निवेदन किया है कि वे इस आदेश को तत्काल निरस्त करें। उन्होंने कहा कि वे अपना कार्य पूरी लगन से करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे, लेकिन इस पर्व पर अवकाश मिलना आवश्यक है।
इस दौरान इंदु प्रकाश सिंह, गणेश पांडेय, सौरभ कार्तिकेय, दिनेश दुबे, कमलेश विश्वकर्मा, दिलीप पाठक सहित अन्य शिक्षकगण मौजूद रहे।




