Sonbhadra News : टीबी उन्मूलन की मुहिम तेज! 100 दिवसीय महाभियान-2 शुरु, हाई रिस्क गांवों में स्क्रीनिंग में मिले 1232 नए रोगी
जनपद में शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के क्रम में 24 मार्च 2026 से 100 दिवसीय अभियान-2 का संचालन किया जा रहा है। अभियान के तहत माइक्रोप्लान के अनुसार चिन्हित उच्च जोखिम वाले गांवों में मोबाइल......

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6:13 PM, April 25, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• 2325 मरीजों का चल रहा है इलाज
सोनभद्र । जनपद में शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के क्रम में 24 मार्च 2026 से 100 दिवसीय अभियान-2 का संचालन किया जा रहा है। अभियान के तहत माइक्रोप्लान के अनुसार चिन्हित उच्च जोखिम वाले गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा आमजन की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अभियान में अब तक 50 उच्च जोखिम वाले गांवों में कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिसमें 1479 पुरुषों और 1526 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई है। जांच के दौरान शुगर, हिमोग्लोबिन, बीएमआई (ऊंचाई-वजन), ब्लड प्रेशर तथा हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से एक्स-रे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसी क्रम में जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज, रामगढ़ में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 कीर्ति आजाद बिंद एवं पीपीएम सतीश चंद्र सोनकर ने प्रतिभाग कर छात्राओं को टीबी के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अनिता सिंह, शिक्षिका निशा, एसटीएस खुशबू मिश्रा, एक्स-रे टेक्नीशियन सोनेलाल पटेल, एएनएम प्रियंका सहित आशा कार्यकर्ता सावित्री पाठक, मंजू देवी, धर्मशीला और सुमन गुप्ता मौजूद रहीं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद में जनवरी से 25 अप्रैल 2026 तक 1232 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई है, जबकि 2325 मरीजों का इलाज जारी है।
इस दौरान टीबी के 10 प्रमुख लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक खांसी, खून के साथ खांसी, सीने में दर्द, सांस फूलना, वजन घटना, भूख न लगना, शाम को बुखार, रात में पसीना, थकान और गर्दन में सूजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आमजन से अपील की गई कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि टीबी की जांच और इलाज आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही टीबी से जुड़े संदेशों का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप और एक्स के माध्यम से भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
अभियान के जरिए स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी के मामलों को जल्द चिन्हित कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना और जनजागरूकता के माध्यम से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाना है।



