Sonbhadra News : रामा हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में हुआ टूटे जबड़े का सफल ऑपरेशन
धरती के दूसरे भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया है। शहर के रामा हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में शनिवार को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी व्यक्ति के जबड़े का सफल ऑपरेशन...

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7:36 AM, December 23, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । धरती के दूसरे भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया है। शहर के रामा हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में शनिवार को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी व्यक्ति के जबड़े का सफल ऑपरेशन किया है।
हॉस्पिटल के प्रबंधक सिद्धार्थ शंकर मिश्रा ने बताया कि "जिले में पहली बार इस तरह की सर्जरी किसी भी हॉस्पिटल में की गयी है। ओरल मैक्सिलो फेसियल सर्जन एंड इंप्लान्टोलॉजिस्ट डॉ0 राज जायसवाल और उनके सहयोगी डॉ0 अजीत अन्या द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के जबड़े का सफल ऑपरेशन किया गया। उन्होंने बताया कि घोरावल थाना क्षेत्र के घुवास कॉलोनी निवासी संतोष कुमार (36वर्ष) सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना में संतोष का जबड़ा चार स्थानों ने टूटकर हड्डी सहित मुंह के अंदर लटक रहा था। 19 दिसंबर क़ो संतोष रामा हॉस्पिटल में भर्ती हुए जिसके बाद उनकी सर्जरी क़ो लेकर हमलोगों ने होमवर्क शुरू कर दिया। ऐसी सर्जरी जिले में पहली बार हो रही थी इसलिए ओरल मैक्सिलो फेसियल सर्जन एंड इंप्लान्टोलॉजिस्ट सर्जन और एनेस्थेटिक सहित योग्य ओटी स्टॉप की एक टीम तैयार की गयी। टीम ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सफलतापूर्वक सर्जरी करके मरीज के चेहरे को बचा लिया। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व इस तरह के ऑपरेशन के लिए मरीज वाराणसी या लखनऊ की दौड़ लगाते थे। उन्होंने घायल व्यक्ति का सफल सर्जरी करने वाले चिकित्सकों को धन्यवाद दिया और आगे मरीजों के लिए और अच्छी सुविधाएं प्रदान करने की बात कही।"
वहीं मरीज की सफल सर्जरी करने वाले ओरल मैक्सिलो फेसियल सर्जन एंड इंप्लान्टोलॉजिस्ट डॉ0 राज जायसवाल ने बताया कि "जब हम मरीज के पास पहुंचे तो उसकी हालत बहुत अधिक खराब थी। उसके जबड़े में गंभीर चोट लगी थी। जबड़े के टेम्पोरो-मैंडीबुलर जोड़ के खिसकने के साथ-साथ चेहरे पर लगभग चार मुख्य हड्डियों में फ्रैक्चर था। यह एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण और जटिल मामला था। मरीज के चेहरे को सफल एवं अच्छा रूप देने के लिए बहुत सारी पूर्व प्लानिंग की आवश्यकता थी। मरीज को सर्जरी के लिए ले जाया गया और चेहरे की त्वचा पर कोई अतिरिक्त कटौती किए बिना सारे फ्रैक्चर ठीक कर दिये गये, फिर सभी फ्रैक्चर और जोड़ों को अपनी जगह पर फिट कर दिया गया। इसके बाद एक-एक करके सभी फ्रैक्चर को शुद्ध टाइटेनियम मिनी प्लेट और स्क्रू का उपयोग करके ठीक किया गया। इस प्रक्रिया में लगभग चार घण्टे का समय लगा। अभी मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है।"




