बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने बताया कि "शिक्षण संस्थानों को यह ध्यान में रखना है कि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना अब सीएम डैशबोर्ड पर शामिल हो चुकी है, जिसका अर्थ यह है कि प्रत्येक माह कुल आवेदन के सापेक्ष शिक्षण संस्थाओं द्वारा रिजेक्ट अथवा अग्रसारित किए गए आवेदनों का प्रतिशत प्रदर्शित होता है और उसी के आधार पर जिले की ग्रेडिंग तय होती है। ग्रेडिंग प्रथम से कम होने की स्थिति में जिले के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और इसके लिए संबंधित शिक्षण संस्थान, जिला विद्यालय निरीक्षक, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी एवं सम्बंधित विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस तथ्य पर बल दिया गया कि वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति पोर्टल में संशोधन हुए हैं एवं प्रत्येक बच्चें जो छात्रवृत्ति का आवेदन करना चाहते हैं,उन्हें पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन करना होगा और उसके बाद ही वह आवेदन कर पाएंगे। इसके लिए समस्त शिक्षण संस्थानवार बच्चों के साथ भी एक कार्यशाला आयोजित करते हुए सम्पूर्ण तथ्यों से अवगत करायें। जिसकी रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से प्राप्त करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया साथ ही शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में संस्थान आवेदनों को कार्यवाही के लिए लम्बित नहीं रखेगे एवं ससमय बच्चों के आवेदन पर आप निर्णय लेंगे। अगर रिजेक्ट का आधार है तो आप रिजेक्ट करेंगे अन्यथा उसे फारवर्ड ही करेंगे और प्रत्येक माह के अंतिम तिथि से पूर्व समस्त आवेदनों पर आप निर्णय ले लेंगे अन्यथा अगले माह ऐसे संस्थानों को चिन्हित करते हुए आवश्यक विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।"