Sonbhadra News : छात्र ढूढ़ रहे शिक्षक...शिक्षक खोज रहे मतदाता, आखिर कैसे निपुण होंगे विद्यार्थी
प्राथमिक विद्यालयों में इन दिनों बच्चे शिक्षकों को ढूंढ रहे हैं और शिक्षक हैं कि मतदाताओं को खोजने में लगे हैं। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिषदीय विद्यालयों में 28 नवंबर से.......

SIR फॉर्म भरते शिक्षक.....
sonbhadra
8:27 AM, December 9, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । प्राथमिक विद्यालयों में इन दिनों बच्चे शिक्षकों को ढूंढ रहे हैं और शिक्षक हैं कि मतदाताओं को खोजने में लगे हैं। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिषदीय विद्यालयों में 28 नवंबर से होनी वाली छमाही परीक्षाएं अब 10 दिसंबर से होनी है। ऐसे में एक ओर बच्चों को निपुण बनाने और दूसरी ओर मतदाताओं को खोजने के लक्ष्य में शिक्षक फंस गए हैं। 11 दिसंबर तक यह प्रक्रिया पूरी कर चुनाव आयोग को रिपोर्ट सौंपनी है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार एसआईआर के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ शिक्षा मित्रों को बतौर बीएलओ लगाया गया है। इनके सहयोग के लिए शिक्षकों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
बताते चलें कि चुनाव आयोग के निर्देश पर पूरे देश में एसआइआर का कार्य कराया जा रहा है। एसआईआर कार्य किए जाने की जिम्मेदारी बीएलओ के कंधों पर है। एसआईआर कार्य समय से पूरा हो सके। इसके लिए बीएलओ का सहयोग किए जाने के निर्देश शिक्षकों के लिए दिए गए हैं। वहीं बीएलओ व शिक्षकों के एसआईआर कार्य में व्यस्त हो जाने की वजह से विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है साथ ही प्रतिदिन शासन को विद्यालय स्तर से भेजी जाने वाली सूचनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में तैनात शिक्षक व शिक्षिकाओं को भी जिम्मेदारी मिली। लगातार जिले में एसआईआर का कामकाज किया जा रहा है। बीएलओ अपने क्षेत्र में जाकर मतदाताओं के फार्म भरवाकर उन्हें जमा किए जा रहे है। जिला प्रशासन के निर्देश पर बेहतर कार्य करने वाले बीएलओ को प्रतिदिन सम्मानित किया जा रहा है। वहीं SIR कार्य में शिक्षकों के लगने से इसका सीधा असर बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर हुआ है। जिले के 2061 प्राथमिक विद्यालयों में 10 दिसंबर से छमाही परीक्षाएं शुरू होनी हैं। एक ओर बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार करने के साथ ही उन्हें निपुण बनाने का लक्ष्य है। वहीं, दूसरी ओर शिक्षकों का इस समय चुनावी ड्यूटी में लगाना पढ़ाई को प्रभावित कर रहा है। अभी 11 दिसंबर तक शिक्षक इस काम में व्यस्त रहेंगे। ऐसे में शिक्षकों के लिए अर्धवार्षिक परीक्षा संपन्न कराना और छात्रों को निपुण बनाना भी एक चुनौती होगी।
वहीं सहायक निर्वाचन अधिकारी जगरूप पटेल ने बताया कि "एसआईआर के काम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षा मित्रों को लगाया गया है। शिक्षकों को सिर्फ उनके सहयोग की जिम्मेदारी दी गयी है।"




