Sonbhadra News : घर के बाहर खेल रहे मासूमों पर आवारा कुत्ते का हमला, दो सगी बहनों समेत पांच बच्चे घायल
यदि आप भी अपने छोटे बच्चों को घर के बाहर अकेले खेलने के लिए छोड़ देते हैं, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। इंसानों का सबसे वफादार माना जाने वाला कुत्ता अब कई स्थानों पर जानलेवा साबित हो रहा है.......

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sonbhadra
6:50 AM, June 29, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । यदि आप भी अपने छोटे बच्चों को घर के बाहर अकेले खेलने के लिए छोड़ देते हैं, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। इंसानों का सबसे वफादार माना जाने वाला कुत्ता अब कई स्थानों पर जानलेवा साबित हो रहा है। जिले में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला घोरावल थाना क्षेत्र के दीवा गांव का है, जहां रविवार सुबह घर के बाहर खेल रहे मासूम बच्चों पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में दो सगी बहनों सहित पांच बच्चे घायल हो गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और किसी तरह कुत्ते को भगाकर बच्चों की जान बचाई। गंभीर रूप से घायल तीन बच्चों को मेडिकल कॉलेज लोढ़ी रेफर किया गया है।
खेलते-खेलते बच्चों पर टूट पड़ा कुत्ता -
जानकारी के अनुसार घोरावल थाना क्षेत्र के दीवा गांव निवासी फिरोज की तीन वर्षीय बेटी परी और नौ वर्षीय बेटी सोफिया, रामनिहोर का नौ वर्षीय पुत्र विशाल, पुनाखा गांव निवासी अरविंद पाल की पांच वर्षीय बेटी आकृति तथा डोमखरी गांव निवासी गुड्डू का चार वर्षीय पुत्र सत्यम पाल गांव में अन्य बच्चों के साथ पेड़ के नीचे खेल रहे थे। तभी अचानक एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और बच्चों पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते कुत्ते ने एक-एक कर कई बच्चों को काट लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण, लाठी-डंडे लेकर बचाई जान -
बच्चों की दर्दनाक चीखें सुनकर आसपास के लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को वहां से भगाया। तब तक कुत्ता बच्चों के हाथ, पैर और सिर पर कई जगह काट चुका था। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई और परिजन रोते-बिलखते बच्चों को लेकर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल पहुंचे।
तीन मासूमों की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर -
सीएचसी घोरावल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने घायल बच्चों की स्थिति देखते हुए विशाल, आकृति और सत्यम को बेहतर इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज लोढ़ी रेफर कर दिया, जबकि अन्य बच्चों का इलाज स्थानीय स्तर पर किया गया। घटना के बाद परिजनों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज, एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई -
राजकीय मेडिकल कॉलेज लोढ़ी के चिकित्सकों ने बताया कि रेफर होकर पहुंचे तीनों बच्चों को तत्काल एंटी रेबीज वैक्सीन और आवश्यक उपचार दिया गया है। फिलहाल सभी बच्चों की हालत पर चिकित्सकों की लगातार निगरानी रखी जा रही है और उनका इलाज जारी है।
गांव में दहशत, आवारा कुत्तों पर कार्रवाई की मांग -
घटना के बाद दीवा गांव और आस-पास के क्षेत्रों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है, लेकिन अब तक उन्हें पकड़ने या नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




