Sonbhadra News : फर्जी खनिज परिवहन परमिट गिरोह का पर्दाफाश, लैपटॉप-प्रिंटर समेत चार गिरफ्तार
अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार कर गिट्टी-बालू के परिवहन में इस्तेमाल करने......

पुलिस की गिरफ्त में फर्जी खनिज परिवहन परमिट गिरोह के सदस्य......
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8:38 PM, August 11, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार कर गिट्टी-बालू के परिवहन में इस्तेमाल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से लैपटॉप, प्रिंटर, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, चार्जर और 5,900 रुपये नकद समेत फर्जी दस्तावेज तैयार करने में प्रयुक्त डिजिटल सामग्री बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक नगर अनिल कुमार के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में की गई। रॉबर्ट्सगंज थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम तलाश में जुटी थी।
पुलिस के अनुसार चौकी हिन्दुआरी क्षेत्र के तेन्दु नहर के पास वांछित अभियुक्तों की तलाश के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे से संबंधित कुछ लोग तेन्दु (मगुरही) स्थित हनुमान मंदिर परिसर में एकत्र होकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर अश्विनी पटेल, उमेश यादव, हिमांशु पाण्डेय और शक्तिमान कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
लैपटॉप-प्रिंटर से तैयार होते थे फर्जी परमिट -
पूछताछ और बरामदगी के आधार पर पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर/फार्म-11 को डिजिटल माध्यम से एडिट कर उसमें वाहन संख्या, चालक का विवरण, गिट्टी-बालू की मात्रा सहित अन्य जानकारियां दर्ज करते थे। इसके बाद इन्हें फर्जी परमिट के रूप में तैयार कर खनिज लदे वाहनों के परिवहन में इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार शक्तिमान कुमार के कब्जे से बरामद HP कंपनी का लैपटॉप और Canon कंपनी का प्रिंटर फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार करने में इस्तेमाल किया जाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि हिमांशु पाण्डेय ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराता था, जबकि अश्विनी पटेल और उमेश यादव उन पेपरों को शक्तिमान के सहज जनसेवा केंद्र पर ले जाकर आवश्यक विवरण के अनुसार एडिट कराते थे।
अलग-अलग थी गिरोह के सदस्यों की भूमिका -
जांच में पुलिस के सामने गिरोह के सदस्यों की अलग-अलग भूमिका सामने आई है। ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराने से लेकर डिजिटल माध्यम से परमिट तैयार करने, वाहन और खनिज संबंधी विवरण दर्ज करने तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गिट्टी-बालू का परिवहन कराने तक काम अलग-अलग लोगों के जिम्मे था। इसके एवज में गिरोह के सदस्य आर्थिक लाभ अर्जित करते थे।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में 16 जून 2026 और 22 जून 2026 को भी फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार कराए जाने की जानकारी सामने आई है। इन दस्तावेजों के आधार पर कितने वाहनों का खनिज परिवहन कराया गया और इससे सरकारी राजस्व को कितना नुकसान हुआ, इसकी विस्तृत विवेचनात्मक एवं तकनीकी जांच की जा रही है।
चारों अभियुक्त न्यायालय में पेश -
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अश्विनी पटेल (22वर्ष), निवासी कूराकला थाना पन्नूगंज, उमेश यादव (22वर्ष), निवासी अतरवा शमशेर थाना नौगढ़, चंदौली, हिमांशु पाण्डेय (22वर्ष), निवासी प्रीतनगर थाना चोपन तथा शक्तिमान कुमार (28वर्ष), निवासी हलिया बांध थाना चकरघट्टा, चंदौली के रूप में हुई है।पुलिस ने चारों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्यवाही पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, बरामदगी और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।
ये सामान हुआ बरामद -
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक HP लैपटॉप, एक Canon प्रिंटर, लैपटॉप व प्रिंटर के चार्जर, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 5,900 रुपये नकद तथा फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार करने में प्रयुक्त डिजिटल सामग्री एवं उपकरण बरामद किए हैं।
कार्यवाही में प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, एसओजी प्रभारी निरीक्षक नागेश सिंह सहित रॉबर्ट्सगंज थाना एवं एसओजी टीम के पुलिसकर्मी शामिल रहे।




