सीएम ने कहा कि सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश एक मूल उद्देश्य है, जिसके आधार पर विकसित उत्तर प्रदेश एवं विकसित भारत का स्वप्न पूरा होगा। पुलिस अब गांव-गांव जाकर महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करेगी। 2017 के बाद हमारी सरकार ने नारी शक्ति, नारी सुरक्षा एवं नारी स्वावलमबन की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के साथ मिलकर उल्लेखनीय कार्य किया है, हमारी सरकार ने महिला कल्याण विभाग के माध्यम से 26 लाख 34 हजार बालिकाओं को कन्या सुमंगला योजना अंतर्गत आर्थिक सहयोग,35 लाख 30 हजार निराश्रित महिलाओं को पेंशन, हिंसा से प्रभावित 4 लाख 39 हजार को क्षतिपूर्ति दिलाया है साथ ही प्रभावी कार्य किए गए हैं और लगातार किये जा रहे हैं। हमने नारी सुरक्षा के लिए 1663 थानों में महिला शक्ति केंद्र, 1664 थानों में एंटी रोमियो स्टैंड, 44177 महिला पुलिस कर्मी की भर्ती, पुलिस ट्रेनिंग क्षमता 3000 हजार से बढ़ाकर 60 हजार की गई है। 2025 में हुए पुलिस भर्ती में 60200 में से 12044 महिला पुलिस है। इसी प्रकार महिला विरुद्ध अपराध में न्यूनतम समय में दंड दिलाकर अपराध पर अंकुश लगाया गया है, जिसमें 9513 मामलों में 12271 अपराधियों को सजा हुई जिसमें से 12 को मृत्युदंड,987 को आजीवन कारावास,7817 को 10 वर्ष तक की सजा हुई है जबकि पूर्व की सरकार में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त रहता था। मुख्यमंत्री ने नारी स्वावलंबन की दिशा में सरकार के कार्य का भी उल्लेख किया, जिसमें बीसी सखी, स्वयं सहायता समूह,आशा, आंगनबाड़ी, कौशल प्रशिक्षण आदि द्वारा नारी स्वावलंबन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा महिला शक्ति केंद्र की एस0ओ0पी0 जारी की गई तथा केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं और महिलाओं के लिए चलाई गई योजना का बुकलेट भी जारी किया और समस्त अधिकारियों को इसे एक-एक नारी शक्ति के हाथों में पहुंचाने का निर्देश भी दिया।