Sonbhadra News : देव दीपावली पर गुप्त काशी में जमीं पर उतरे तारे, लहरों पर इठलाईं दीपमालाएं
कार्तिक पूर्णिमा की सांझ रामसरोवर तालाब के किनारे ऐसा लगा जैसी हजारों तारे जमीं पर उतर आये हो वहीं तालाब की लहरें के साथ अठखेलियां करते असंख्य दीयों की टिमटिमाहट से जगमग हो गई। रामसरोवर तालाब के....

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11:16 PM, November 15, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । कार्तिक पूर्णिमा की सांझ रामसरोवर तालाब के किनारे ऐसा लगा जैसी हजारों तारे जमीं पर उतर आये हो वहीं तालाब की लहरें के साथ अठखेलियां करते असंख्य दीयों की टिमटिमाहट से जगमग हो गई। रामसरोवर तालाब के अलावा अकड़हवा पोखरा, बिचपई तालाब समेत तमाम धार्मिक स्थलों पर दीपदान का आयोजन किया गया। गुप्त काशी के नाम से मशहूर जनपद सोनभद्र के जिला मुख्यालय स्थित तालाबों के तट पर असंख्य दीयों की टिमटिमाहट ने स्वर्गिक छटा बिखेर दी। वहीं दीपदान के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। इस विहंगम नजारे को लोग अपलक निहारते रहे।
आज भगवान भास्कर के अस्ताचल होते ही दीपदान शुरू हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रामसरोवर तालाब, बिचपई तालाब व अकड़हवा पोखरे पर पहुंच दीपदान किया। हजारों दीयों के जलते ही एकबारगी लगा कि गंगा तट और महर्षि वाल्मीकि आश्रम की धरती पर मानो आसमान के तारे उतर आए हों। जहाँ रामसरोवर तालाब में मारवाड़ी महिला मंच नें 2100 दीए जलाए वहीं बिचपई तालाब पर अनुराग बियार के नेतृत्व में युवाओं ने 1100 दीप जलाए।
देव दीपावली पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रामसरोवर तालाब पहुंच कर दीये अर्पित किए। जब तालाब में दीपमालाएं प्रवाहित की हुईं तो तालाब की धारा में इठलाते दीपकों की लड़ियां मानो पूनम के चांद को यह कह रहीं हों कि आज देव लोक की दिवाली गुप्त काशी में मनाई जा रही है, जिसे देवता भी निहार रहे होंगे।




