Sonbhadra News : श्रीरामलीला-अष्टसखी संवाद तथा नगर दर्शन फुलवारी लीला ने दर्शकों का मन मोहा
महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान पर मंचित हो रहे श्रीरामलीला का चौथा दिन

सोनभद्र
4:39 PM, September 24, 2025
धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)
विंढमगंज (सोनभद्र) । थाना क्षेत्र के महुली में चल रहे रामलीला की चौथे दिन मंगलवार को नगर दर्शन फुलवारी लीला का मंचन किया गया।
लीला के प्रसंग अनुसार मुनि विश्वामित्र से अनुमति लेकर श्री राम लक्ष्मण के साथ जनकपुर देखने जाते हैं। दोनों भाइयों के जनकपुर पहुंचते ही इन्हें देखने के लिए काम धाम छोड़ लोग दौड़ पड़ते हैं ।अष्टसखी संवाद होता है। सखियां राम, लक्ष्मण के रंग रूप का आपस में बखान करती है।
एक कहती है कि लगता है करोड़ों कामदेव की छवि को जीता है तो दूसरी कहती है कि हंस के बालकों के समान इनकी जोड़ी है। तीसरी सखी कहती है कि महाराज जनक को धनुष यज्ञ छोड़ जानकी का विवाह इसी समय कर देना चाहिए।
इसी बीच आशंकित होकर एक सखी कहती है कि महाराज का धनुष बहुत कठोर है और यह बालक बहुत कोमल हैं। सभी सखियां दुविधा में पड़ जाती है अन्य सखी इस शंका को दूर करते हुए कहती है कि जिसके चरणरज पाते ही अहिल्या धन्य हो गई तो क्या बिना शिव धनुष तोड़े रह पाएंगे। सखियां दोनों भाइयों पर पुष्प वर्षा करने लगते हैं ।दोनों भाई विश्वामित्र मुनि के पास लौटकर आते हैं। सुबह होने पर दोनों भाई फुलवारी जाते हैं। इसी समय गिरिजा पूजन के लिए जान जानकी का आगमन होता है ।वह गिरजा स्तुति कर अपने लिए योग्य वर मांगती है। सखियां जानकी से राजकुमारों के रंग रूप का वर्णन करती है। सीता आश्चर्यचकित हो इधर-उधर देखते हैं। सीता की पायल व गहनों की आवाज सुन श्री राम लक्ष्मण कहते हैं कि ऐसा लग रहा है मानो कामदेव ने विश्व विजय की दो दूंगी बजाई है। जानकी, पूनम ,गिरजा स्तुति करती है व मांगती है कि मेरे मनोरथ को आप अच्छी तरह से जानती हैं तभी आकाशवाणी होती है कि तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी। सीता राजमहल लौट जाती है ।श्री राम विश्वामित्र के पास जाकर देरी का कारण बताते हैं ।




