Sonbhadra News : अंश निर्धारण को लेकर 12 से 16 मई तक चलेगा विशेष अभियान, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई - डीएम
जनपद में खतौनी संबंधी लंबित मामलों के निस्तारण और राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने विशेष अंश निर्धारण अभियान शुरू कराया है। इस अभियान के तहत 12 मई से 16 मई 2026 तक......

डीएम चर्चित गोंड....
sonbhadra
7:20 PM, May 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद में खतौनी संबंधी लंबित मामलों के निस्तारण और राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने विशेष अंश निर्धारण अभियान शुरू कराया है। इस अभियान के तहत 12 मई से 16 मई 2026 तक सभी तहसीलों में ग्रामवार विशेष अभियान चलाकर खातेदारों और सहखातेदारों के अंश निर्धारण कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक तहसील स्तर पर सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर क्षेत्रीय लेखपालों को लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। साथ ही अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अंश निर्धारण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने निर्देश दिया कि सभी क्षेत्रीय लेखपाल ग्रामवार कार्ययोजना तैयार कर अपनी प्रगति प्रत्येक तीन घंटे के अंतराल पर गूगल शीट में अनिवार्य रूप से अपडेट करें, ताकि कार्यों की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान के माध्यम से लंबे समय से लंबित अंश निर्धारण प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा, जिससे राजस्व अभिलेख त्रुटिरहित और अद्यतन हो सकें। इससे आमजन को जमीन और राजस्व संबंधी मामलों में काफी राहत मिलेगी।
अभियान के प्रथम दिवस में जनपद की चारों तहसीलों में बड़े पैमाने पर अंश निर्धारण की कार्रवाई की गई। शाम 6 बजे तक तहसील रॉबर्ट्सगंज में 637, घोरावल में 758, ओबरा में 555 तथा दुद्धी तहसील में 2053 मामलों में अंश निर्धारण की कार्रवाई पूरी की गई। इस प्रकार पहले ही दिन जनपद में कुल 4003 अंश निर्धारण प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
प्रशासन का दावा है कि अभियान के जरिए राजस्व रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाएगा, जिससे भविष्य में भूमि विवादों में भी कमी आएगी।




