Sonbhadra News : सपा प्रतिनिधिमंडल ने खनन पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर दिया बीजेपी को करारा जबाब, प्रभारी मंत्री ने विपक्ष को बताया था नमूना
पीड़ित परिवार द्वारा अखिलेश यादव से मिलने के सवाल पर जिले के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कटाक्ष करते हुए कहा था कि विपक्ष नमूना है क्या कहना है क्या बोलता है उसे खुद नहीं पता ।

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9:58 PM, January 13, 2026
शान्तनु कुमार
सोनभद्र । समाजवादी पार्टी का ग्यारह सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जनपद के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में 15 नवम्बर को हुए खदान हादसे में मारे गए सात मजदूरों के परिजनों के बीच पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त किया और सपा सुप्रीमो द्वारा भेजे गए एक लाख रुपये का आर्थिक चेक भेंटकर परिवारों को भरोसा दिलाया कि पूरा समाजवादी पार्टी आपके साथ है।
इसके पूर्व खनन हादसा का पीड़ित परिवार सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचा था, जहां उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 25-25 हजार रुपए की नगद सहायता राशि भेंट की थी। पीड़ित परिवार द्वारा अखिलेश यादव से मिलने के सवाल पर जिले के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कटाक्ष करते हुए कहा था कि विपक्ष नमूना है क्या कहना है क्या बोलता है उसे खुद नहीं पता । लेकिन आज जिस तरीके से सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें सहायता राशि देकर यह भरोसा दिलाया कि यदि उनकी सरकार बनी तो उन्हें वह सारी सुविधाएं मुहैया कराया जाएगा जो सपा ने वादा किया है ।
आपको बता दें कि 15 नवंबर 2025 को हुए खनन हादसे के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वंम चोपन में एक कार्यक्रम में थे। समय का चक्र देखिये कि सीएम योगी के जनपद से जाते ही कुछ घंटे बाद बिल्ली मारकुंडी में खनन हादसा हो गया । जिसमें कुल सात लोगों की जान चली गई। हालांकि 3 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन ने कड़ी मेहनत कर सभी 7 शवों को बाहर निकाल लिया । लेकिन आज भी इतने बड़े हादसे के बाद भी किसी भी प्रशासनिक आधिकारिक के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसकी चर्चा आज भी बनी हुई है। महज जांच बिठाकर फिल्हाल मामले को टाल दिया गया।
बड़ा सवाल यह है कि सीएम दौरे को लेकर जब खनन विभाग खुद लिखित आदेश दिया था कि कोई खदान या क्रेसर संचालित नहीं होगा। फिर किसके आदेश पर खदान में काम लगा। उस इलाके के खनन इंस्पेक्टर, लेखपाल, पुलिस का हल्का इंचार्ज व एसडीएम को कैसे जानकारी नहीं हुई। इसका मतलब कि या तो प्रशासनिक मिलीभगत रही होगी या फिर प्रशासनिक सूत्र कमजोर है। ऐसे में दोनों स्थिति में उपरोक्त जिम्मेदार लोगों का पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है ।
बहरहाल सपा ने आज खनन हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात बीजेपी को तगड़ा जबाब दे दिया है कि नमूना कौन है वे खुद आंकलन करे।



