Sonbhadra News : एसआईआर में फॉर्म 7 के दुरुपयोग पर भड़के सपाई, डीएम को सौंपा ज्ञापन
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के दौरान फॉर्म 7 में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। सदर विधानसभा के वार्ड नं0-1 के भाग संख्या 14 के पूरब मोहाल और दलित बस्ती क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम...

जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपते सपाई......
sonbhadra
9:15 PM, February 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के दौरान फॉर्म 7 में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। सदर विधानसभा के वार्ड नं0-1 के भाग संख्या 14 के पूरब मोहाल और दलित बस्ती क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम सूची से हटवाने के लिए फर्जी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। इन गड़बड़ियों का खुलासा तब हुआ जब बीएलओ ने फॉर्म 7 के साथ मिली शिकायत पर स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आपत्तियां झूठी पाई गईं। इस पर समाजवादी पार्टी के जिला सचिव प्रमोद यादव भी मौके पर पहुंचे। आएसआईआर में गड़बड़ी को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिलाधिकारी को नामित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा। उन्होंने एसआईआर में फार्म सात के हो रहे दुरुपयोग पर रोक लगाए जाने की मांग की।
पीड़ित छात्रिया सुल्तान ने बताया कि "उनके परिवार के तीन सदस्यों उनका, उनके पति शाजिद अली और पुत्र आदि अली का नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 उपलब्ध कराया गया था। इसमें कारण बताया गया था कि वे यहां नहीं रहते या उनकी मृत्यु हो गई है, जबकि वे सभी मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने इसे जबरन परेशान करने की कोशिश बताया।"
वार्ड नं0-1 पूरब मोहाल के निवासी अकबर अली ने भी बताया कि "उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा जारी एसआईआर फॉर्म भरा था। उन्होंने कहा, "हम यहां के मूल निवासी हैं और हमारे घर के चार सदस्यों के नाम हटाने के लिए फर्जी फॉर्म 7 आया है। जिस भी राजनीतिक दल के बीएलए ने हमारे नाम कटवाए हैं, हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।"
इस दौरान सपा जिला सचिव प्रमोद कुमार यादव ने आरोप लगाया कि "एसआईआर के तहत मतदाताओं का नाम काटने के लिए फार्म सात का दुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ संख्या 14 पर मतदाता सूची में नाम होते हुए, कुछ राजनीतिक दल के लोग प्रारूप 7 भरकर उनके घर का नाम काटने के लिए भर दिया। यह दिखाया गया कि परिवार के लोग अन्यत्र या यहां नहीं रहते हैं जबकि मौके पर सभी लोग पाए गए।"
उन्होंने कहा कि "फार्म सात का गलत तरीके से दुरुपयोग किया जा रहा है। कई लोग फर्जी बीएलओ बनकर फार्म 7 देकर नाम काटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से इस प्रकार की गतिविधियों पर ध्यान देने और ऐसे लोगों की जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।"
इस मौके पर सपा नेता मनीष त्रिपाठी, सुरेश अग्रहरी, संजय मौर्य आदि मौजूद रहे।
वहीं बीएलओ नितेश कुमार ने बताया कि "उन्हें प्रारूप 7 जमा करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने वेरीफाई करने के बाद पाया कि जिन लोगों के नाम कटवाने के लिए आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, वे सभी मौके पर उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि प्रारूप 7 में आपत्ति थी कि यह लोग वर्तमान में यहां नहीं हैं, लेकिन वेरीफाई करने पर पता चला कि सभी लोग वर्तमान में मौजूद हैं और दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वे एपिक नंबर से वेरीफाई कर रहे थे, जिससे पुख्ता जानकारी मिल जाती है। उन्होंने कहा कि जब एपिक नंबर संबंधित व्यक्ति का वेरीफाई हो गया, तो इससे जांच करने पर पता चला कि यह इन्हीं का एपिक नंबर है, फिर ऐसे में इनको अनुपस्थित क्यों किया जाए।"
उन्होंने कहा कि "ऊपर से आदेश है कि कोई भी राजनीति पार्टी उन्हें फार्म संख्या 7 देती है, तो उन्हें एक्सेप्ट करना है, लेकिन उसे पर कार्रवाई तब तक नहीं करेंगे, जब तक खुद से वेरीफाई नहीं कर लेते। उन्होंने कहा कि उन्होंने वेरीफाई में पाया कि जिनके नाम काटने के लिए दिया गया है, वे लोग खुद मौके पर मौजूद हैं और वे लोग आज से नहीं, बहुत पहले से यहां के निवासी हैं। प्रारूप 7 का जो भी प्रक्रिया है, वह तहसील स्तर से हो और तहसील स्तर में ही प्रारूप 7 जमा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस किसी का परिवार हो, वहीं फॉर्म 7 भरकर नाम कटवा ले, इससे किसी को भी दिक्कत नहीं होगी।"



