Sonbhadra News : सोनभद्र पुलिस ने अंतरराज्यीय नकली शराब गिरोह का किया पर्दाफाश, 25 लाख की सामग्री व ट्रेलर बरामद
जनपद में अवैध शराब के निर्माण एवं तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने अंतरराज्यीय नकली शराब गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए करीब 25 लाख......

गिरफ्तार अंतर्राज्यीय तस्कर साथ में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार व सीओ सिटी रणधीर मिश्रा......
sonbhadra
5:10 PM, July 6, 2026
आनन्द कुमार चौबे/प्रकाश खत्री (संवाददाता)
• एसपी अभिषेक वर्मा बोले- बिहार में खपाई जानी थी नकली शराब, दो तस्कर गिरफ्तार
• बोले एसपी - गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच जारी
सोनभद्र । जनपद में अवैध शराब के निर्माण एवं तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने अंतरराज्यीय नकली शराब गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए करीब 25 लाख रुपये मूल्य की शराब निर्माण सामग्री, 600 लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट, कैरेमल, फ्लेवरिंग एसेंस, विभिन्न ब्रांडों की पैकिंग सामग्री, 36 हजार कांच की शराब की शीशियां तथा एक ट्रेलर वाहन बरामद किया है। मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जनपद में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के ग्राम बट्ट स्थित मामा ढाबा परिसर में खड़े एक ट्रेलर में नकली शराब बनाने में प्रयुक्त सामग्री लदी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से पूरी तलाशी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई और विधिक कार्रवाई करते हुए ट्रेलर की तलाशी ली।
एसपी ने बताया कि तलाशी के दौरान ट्रेलर से तीन प्लास्टिक ड्रमों में रखा 600 लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट, लगभग 46 किलोग्राम कैरेमल, शराब निर्माण में प्रयुक्त फ्लेवरिंग एसेंस, विभिन्न ब्रांडों के पैकिंग टेप तथा 180 और 375 एमएल क्षमता की करीब 36 हजार कांच की शराब की शीशियां बरामद हुईं। साथ ही शराब परिवहन में प्रयुक्त ट्रेलर वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि बरामद सामग्री को मिलाकर नकली शराब तैयार की जाती थी और नामी शराब कंपनियों की पैकिंग का इस्तेमाल कर उसे असली शराब के रूप में बिहार में खपाया जाता था। गिरोह पंजाब से शराब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री लेकर बिहार-झारखंड सीमा की ओर जा रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि परिवहन के लिए फर्जी बिल्टी और अन्य दस्तावेजों का उपयोग किया जा रहा था, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल और व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। रास्ते में होने वाले खर्च के लिए ऑनलाइन माध्यम से धनराशि भेजी जाती थी। गिरफ्तार आरोपितों के पास बरामद सामग्री से संबंधित कोई वैध लाइसेंस अथवा अनुमति-पत्र नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में आबकारी अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है जल्द ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने कहा कि सोनभद्र पुलिस अवैध शराब, मादक पदार्थों और संगठित अपराध के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करती रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई से नकली शराब के अंतरराज्यीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और बिहार में खपाई जाने वाली नकली शराब की एक बड़ी खेप समय रहते पकड़ ली गई।
गिरफ़्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, उपनिरीक्षक एवं चौकी प्रभारी सुकृत मानवेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी विनोद भारती, आरक्षी रुपेश कुमार, आरक्षी पंकज कुमार, आरक्षी अनुराग बाघमारे, मुख्य आरक्षी नन्हकू पासवान तथा मुख्य आरक्षी भरत यादव शामिल रहे। एसपी ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपए नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।




