Sonbhadra News : ब्लॉक प्रमुखों पर सस्पेंस, प्रशासक बनेंगे या होगा चुनाव?
जनपद की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 19 जुलाई को जिले के सभी दस ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि....

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sonbhadra
9:42 AM, July 13, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• ग्राम प्रधान और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब प्रमुखों की बारी, सरकार के फैसले का इंतजार
सोनभद्र । जनपद की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 19 जुलाई को जिले के सभी दस ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार ब्लॉक प्रमुखों के स्थान पर प्रशासक नियुक्त करेगी या फिर समय पर चुनाव कराए जाएंगे। अभी तक शासन की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सूत्रों की मानें तो सरकार ब्लॉक प्रमुखों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद अस्थायी व्यवस्था के तहत प्रशासक नियुक्त करने पर विचार कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो जिले की पंचायत राजनीति में नया समीकरण देखने को मिल सकता है। हालांकि, जब तक शासन की ओर से स्पष्ट आदेश नहीं आता, तब तक स्थिति पूरी तरह असमंजस में बनी हुई है।
ब्लॉक प्रमुखों के बीच भी इसे लेकर बेचैनी है। कई वर्तमान प्रमुख चाहते हैं कि चुनाव होने तक प्रशासक व्यवस्था लागू हो, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे और प्रशासनिक शून्यता की स्थिति न पैदा हो। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इस संभावना का खुलकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि चुनाव टालकर प्रशासक नियुक्त किए गए तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत होगा।
विपक्षी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने ग्राम प्रधानों की तर्ज पर ब्लॉक प्रमुखों के मामले में भी चुनाव टालकर प्रशासक नियुक्त किए, तो इस फैसले को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। उनका आरोप है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
जिले के दसों विकास खंडों में संभावित दावेदारों ने भी अपनी-अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही संगठन स्तर पर समीकरण साधने में जुटे हैं। संभावित चुनाव को देखते हुए गांव-गांव बैठकों का दौर शुरू हो चुका है, जबकि प्रशासक नियुक्त होने की स्थिति में पूरी रणनीति बदल सकती है।




