Sonbhadra News : चार राज्यों का गेटवे बने सोनभद्र, व्यापारियों ने डीएम के समक्ष रखी विकास की रूपरेखा
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल आज जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा के नेतृत्व में नवागत जिलाधिकारी चर्चित गोंड से मिला और व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं व जनपद के समग्र विकास.......

sonbhadra
4:48 PM, April 30, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल आज जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा के नेतृत्व में नवागत जिलाधिकारी चर्चित गोंड से मिला और व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं व जनपद के समग्र विकास, उद्योग स्थापना और व्यापारिक सुविधाओं को लेकर कई अहम प्रस्ताव सौंपा।
संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने बताया कि "सोनभद्र चार राज्यों बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से जुड़ा होने के कारण लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां वेयरहाउसिंग और मल्टी-स्टेट ट्रेड हब विकसित किए जा सकते हैं। इसके लिए 600 से 800 एकड़ तक लैंड बैंक तैयार करने या लैंड पूलिंग मॉडल अपनाने की आवश्यकता है, जिससे बिना विवाद के विकास को गति दी जा सके। उन्होंने आगे कहा कि सोनभद्र को व्यापारिक प्रवेश द्वार के रूप में विकसित कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है साथ ही जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं भी मौजूद हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की जरूरत है।"
नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि "जनपद में एडवेंचर टूरिज्म के तहत ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, बोटिंग, कैंपिंग और बोनफायर जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। वहीं जिलाध्यक्ष ने इको-टूरिज्म के तहत मुक्खा फॉल, धनरौल बांध, विजयगढ़ किला, कंडाकोट पहाड़ी और फॉसिल्स पार्क जैसे स्थलों को विकसित करने का सुझाव दिया।"
जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल ने कहा कि "जनपद में गेहूं, दाल और चावल जैसे प्रमुख उत्पादों के आधार पर फूड प्रोसेसिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग स्थापित किए जा सकते हैं। साथ ही ऑर्गेनिक और हर्बल खेती को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।"
जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल एवं प्रदीप जायसवाल ने क्लस्टर मॉडल अपनाकर फूड प्रोसेसिंग, ऑर्गेनिक खेती और हर्बल प्रोडक्ट्स को एकीकृत करने की बात कही। उनका मानना है कि सोनभद्र की भूमि इस प्रकार की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
वहीं टीपू अली और नागेंद्र मोदनवाल ने स्थानीय समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि "करोड़ों रुपये की लागत से बने रोडवेज बस स्टैंड के बावजूद बसों का संचालन फ्लाइओवर के नीचे से किया जा रहा है, जो यात्रियों के लिए असुविधाजनक है। इस मुद्दे को पिछले एक वर्ष से लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है।"
इस दौरान बैठक में कौशल शर्मा, प्रशांत जैन, शरद जायसवाल, राजेश जायसवाल, राजू जायसवाल, सिद्धार्थ सांवरिया, प्रदीप जायसवाल, टीपू अली, कृष्णा सोनी, नागेंद्र मोदनवाल, यशपाल सिंह, विनय जायसवाल, दिनेश सिंह, पंकज कनोडिया, अभिषेक साहू, अभिषेक गुप्ता सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।




