Sonbhadra News : सोनांचल बनेगा प्रदेश का नया औद्योगिक हब, एक्सप्रेसवे के पास 1000 हेक्टेयर में विकसित होगा इंडस्ट्रियल क्लस्टर
जनपद को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उद्योग बंधु की बैठक मे...

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5:00 PM, July 28, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उद्योग बंधु की बैठक में औद्योगिक निवेश, लंबित परियोजनाओं, भूमि उपलब्धता, बैंकिंग सहयोग तथा विभागीय समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास की योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने बताया कि "एक्सप्रेसवे के समीप दुद्धी तहसील के बभनी ब्लॉक में 1000 हेक्टेयर भूमि पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साकार होने से बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल एवं पिछड़े जनपद सोनभद्र को प्रदेश के नए औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।"
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज को सरदार पटेल औद्योगिक क्षेत्र के पुनर्ग्रहण का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर एमएसएमई विभाग को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी कराने के निर्देश दिए, ताकि औद्योगिक परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारा जा सके।
बैठक के दौरान उद्यमी मित्र के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा हुई। डीएम ने ग्रीनको ग्रुप से संबंधित भूमि सीलिंग प्रकरण की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं जेएसडब्ल्यू परियोजना की संयुक्त जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए उप जिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज एवं वन विभाग को निर्देशित किया।
बैंकिंग व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई बैंकों में ऋण संबंधी आवश्यक चेकलिस्ट नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित नहीं है। इस पर उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए दो दिनों के भीतर जनपद के सभी बैंकों में ऋण संबंधी चेकलिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों के आवेदन बिना अनावश्यक विलंब के समयबद्ध तरीके से स्वीकृत किए जाएं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, प्रभागीय वनाधिकारी रॉबर्ट्सगंज आशुतोष कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी ओबरा दिलीप तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर आशीष कुमार त्रिपाठी, सहायक आयुक्त उद्योग विजय कुमार, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, उद्यमी मित्र नितिन प्रकाश सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




