Sonbhadra News : कान्हा के रंग में रंगा सोनांचल, आधी रात गूंजेगा 'नंद के आनंद भयो'....
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर शुक्रवार को पूरा सोनांचल भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल...

बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु......
sonbhadra
12:06 PM, September 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• मंदिरों से लेकर घर-आंगन तक सजी कृष्ण की झांकियां, मध्यरात्रि में होगा लड्डू गोपाल का जन्म
सोनभद्र । भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर शुक्रवार को पूरा सोनांचल भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिरों, घरों और पूजा पंडालों में नंदलाल के दरबार सजकर तैयार हैं। कहीं बाल गोपाल के लिए मनमोहक झूले सजाए गए हैं तो कहीं भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही हैं।
जन्माष्टमी के अवसर पर आज मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच मनाया जाएगा। जैसे ही घड़ी की सुई मध्यरात्रि का संकेत देगी, मंदिरों में घंटे-घड़ियाल और शंखनाद के बीच ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। भगवान के जन्म के पश्चात विधिवत महाभिषेक, आरती और पूजन किया जाएगा तथा बाल गोपाल को आकर्षक झूले में विराजमान कर श्रद्धालु उन्हें झुलाएंगे।
बांके बिहारी मंदिर सहित पांच प्रमुख स्थानों पर भव्य आयोजन -
रॉबर्ट्सगंज नगर में बांके बिहारी मंदिर सहित पांच प्रमुख स्थानों पर भव्य पंडाल सजाए गए हैं। यहां भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए विशेष झांकियां तैयार की गई हैं। झांकियों में कान्हा की बाल लीलाओं और भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
रॉबर्ट्सगंज स्थित बांके बिहारी मंदिर और राम-जानकी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष सजावट की गई है। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक विद्युत झालरों से सजाया गया है, जिससे मंदिर परिसर की छटा देखते ही बन रही है। मध्यरात्रि में होने वाले महाभिषेक और विशेष आरती को लेकर मंदिर समितियों की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पंजीरी-पंचामृत से सजेगा कान्हा का भोग -
जन्माष्टमी को लेकर घर-घर भी आस्था की अलग ही तस्वीर दिखाई दे रही है। माताएं-बहनें कान्हा के भोग के लिए धनिया की पंजीरी, पंचामृत और विभिन्न प्रकार के मिष्ठान तैयार करने में जुटी हैं। व्रती श्रद्धालु दिनभर उपवास रखकर मध्यरात्रि में भगवान के जन्म के बाद पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण करेंगे।
वहीं, बच्चों में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह है। नन्हे-मुन्ने बच्चे कोई कान्हा तो कोई राधा बनकर उत्सव में शामिल होने की तैयारी में हैं। घरों में छोटे-छोटे कान्हा के पालने और झांकियां सजाई गई हैं।
थाना परिसरों में भी गूंजेगा कृष्ण जन्म का जयघोष -
जन्माष्टमी का उल्लास पुलिस लाइन सहित जिले के समस्त थानों और चौकियों तक भी पहुंचेगा। जिले के विभिन्न थाना परिसरों में भी परंपरागत रूप से भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। पुलिसकर्मी और उनके परिवारजन पूजा-अर्चना में शामिल होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद -
त्योहार के दौरान मंदिरों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती और भीड़ नियंत्रण को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण माहौल में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजन कर सकें।
"फिलहाल माखनचोर, नटखट नंदलाल और यशोदानंदन के जन्म की प्रतीक्षा में पूरा सोनांचल भक्तिरस में डूबा हुआ है। हर ओर कान्हा के जयकारे, भजन और कृष्ण भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है। मध्यरात्रि में जैसे ही श्रीकृष्ण का जन्म होगा, मंदिरों से लेकर घर-आंगन तक ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘नंद के आनंद भयो’ के जयघोष से सोनांचल गूंज उठेगा।"




