Sonbhadra News : सोन नदी उफान पर मगर घाटों पर चेतावनी बोर्ड नदारद
अक्सर प्रशासन हादसे के बाद जागता है और फिर नियम-कानून बनाने में जुट जाता है । लेकिन यदि प्रशासन समय रहते जाग जाय तो शायद हादसों को कुछ कम किया जा सकता है। यही चर्चा इन दिनों चोपन में हो रही है।

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1:47 PM, September 1, 2026
- जलस्तर बढ़ने के बावजूद सुरक्षा इंतजाम अधूरे, हादसे की आशंका से लोगों में चिंता
- एसडीएम ओबरा ने निरीक्षण किया मगर चेतावनी बोर्ड पर नहीं लिया सज्ञान
- सोन नदी में पहले हो चुकी है कई घटनाएं
शांतनु कुमार/घनश्याम पांडेय
चोपन (सोनभद्र) । अक्सर प्रशासन हादसे के बाद जागता है और फिर नियम-कानून बनाने में जुट जाता है । लेकिन यदि प्रशासन समय रहते जाग जाय तो शायद हादसों को कुछ कम किया जा सकता है। यही चर्चा इन दिनों चोपन में हो रही है।
दरअसल पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर लगातार हो रही बारिश के चलते सोन नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। जिस तरह से जल स्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है उसने स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों के लिए है जो नदी के तटीय इलाकों में रहते हैं।
इसके अलावा उन लोगों के लिए भी खतरा है जो रोजमर्रा के कामों को लेकर नदी किनारे जाते है। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले दिनों जलस्तर बढ़ने पर एसडीएम ओबरा रवि कुमार चोपन सोन नदी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था लेकिन उन्हें हर घाट के अलावा महत्त्वपूर्ण स्थानों पर चेतावनी बोर्ड का न होना नजर नहीं आया। जबकि सरकार की ओर से नदी, झील, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों के आसपास खतरे को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को संभावित खतरे के प्रति सचेत किया जा सके। इसके अलावा सोनभद्र पुलिस ऐसे स्थानों को चिंहित कर चेतावनी बोर्ड लगा रही है जहाँ खतरा है, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। मगर अफसोस कि चोपन में छठ घाट में तो नहीं परंतु बजरंग घाट पर चेतावनी बोर्ड की जगह कटआउट पोल पर टांग कर कोरम पूरा कर दिया गया। कुल मिलाकर अभी किसी भी स्थान पर चेतावनी बोर्ड गड़ा हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान केवल लोगों से मौखिक रूप से सतर्क रहने की अपील करना पर्याप्त नहीं है। घाटों और नदी के संवेदनशील स्थानों पर स्पष्ट एवं बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के साथ ही सुरक्षा के अन्य जरूरी इंतजाम भी किए जाने चाहिए। खासकर बारिश के मौसम में जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए प्रशासन को पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने की जरूरत है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि छठ घाट से बजरंग घाट तक तत्काल चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोग उसे देखकर सतर्क रह सकें। साथ ही संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बढ़ते जलस्तर के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।




