Sonbhadra News : सुनसान रास्तों का 'शिकारी गैंग' चढ़ा पुलिस के हत्थे, सरगना समेत तीन गिरफ्तार
सुनसान रास्तों पर राहगीरों और युवक-युवतियों को रोककर लूट-छिनैती और महिलाओं से छेड़खानी करने वाले आपराधिक गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गैंगस्टर एक्ट में......

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5:16 PM, August 26, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सुनसान रास्तों पर राहगीरों और युवक-युवतियों को रोककर लूट-छिनैती और महिलाओं से छेड़खानी करने वाले आपराधिक गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गैंगस्टर एक्ट में वांछित गैंग लीडर चंद्रभूषण समेत तीन शातिर अपराधियों को रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने आज इको प्वाइंट से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्यवाही से गिरोह में खलबली मच गई है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से ही लूट-छिनैती, महिला से छेड़खानी, अवैध असलहा और पुलिस-बदमाश मुठभेड़ जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
मुखबिर ने दी सूचना, पुलिस ने चारों तरफ से घेरा -
सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने बताया कि "26 अगस्त को प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान बढ़ौली चौराहे पर मुखबिर ने सूचना दी कि गैंगस्टर एक्ट में वांछित चंद्रभूषण, अगस्त कोल उर्फ आजाद और अजय कुमार उर्फ राहुल कुमार ईको प्वाइंट के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही तीनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी एक नहीं चली। टीम ने प्रभावी घेराबंदी करते हुए तीनों को सुबह दबोच लिया, गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।"
गिरोह का मास्टरमाइंड था चंद्रभूषण -
पुलिस जांच में चंद्रभूषण को गिरोह का गैंग लीडर और मुख्य संचालक बताया गया है। आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ सुनसान और कम आबादी वाले स्थानों की रेकी कर वहां वारदात की योजना बनाता था। गिरोह खास तौर पर राहगीरों और युवक-युवतियों को निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2025 को लोढ़ी टोल प्लाजा और ईको प्वाइंट क्षेत्र में भी गिरोह ने वारदात की योजना बनाई थी। इसके बाद सुनसान पहाड़ी क्षेत्र में युवक-युवती को धमकाकर मोबाइल और रुपये छीनने तथा महिला से छेड़खानी की घटना सामने आई थी।
अगले दिन पुलिस से हुई थी मुठभेड़ -
पुलिस के अनुसार घटना के अगले दिन घेराबंदी के दौरान बदमाशों और पुलिस टीम के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान चंद्रभूषण के कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा, जिंदा एवं खोखा कारतूस, लूट का मोबाइल और धनराशि बरामद हुई थी। अगस्त कोल उर्फ आजाद और अजय कुमार उर्फ राहुल कुमार की भूमिका भी उसी आपराधिक घटनाक्रम में सामने आई थी।
मोबाइल की IMEI से खुला कनेक्शन -
अजय कुमार उर्फ राहुल कुमार की भूमिका को लेकर पुलिस ने बताया कि उसके कब्जे से बरामद मोटोरोला मोबाइल की IMEI संख्या पीड़िता अनीता पाल के मोबाइल की IMEI संख्या से मेल खाई। इससे पुलिस ने बरामद मोबाइल का घटना से संबंध स्थापित होने की बात कही है।
गैंग के अन्य सदस्यों पर भी नजर -
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच के साथ-साथ गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। अपराध से अर्जित संपत्ति और आर्थिक लाभ का भी पता लगाया जा रहा है। साक्ष्य मिलने पर संपत्ति जब्ती और कुर्की समेत कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में रहे शामिल -
कार्यवाही करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संदीप राय, कांस्टेबल रुपेश कुमार और हेड कांस्टेबल नन्दलाल राम शामिल रहे।




