वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अश्वनी कुमार ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि "विश्व मानिसक स्वास्थ्य दिवस मनाये जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और यह समझाना कि मानसिक समस्यायें उतनी ही गम्भीर होती है जैसे कि शारीरिक बिमारियां। आज के समय में तेज रफ्तार जीवन शैली कैरियर की अनिश्चितता, रिश्तों में अस्थिरता, नौकरी का तनाव, पढ़ाई का दबाव इत्यादि कारणों से मानसिक रोग एक बहुत बड़े संकट के रूप में हमारे बीच अपना पैर पसार रहा है। हर परिवार में कम से कम एक सदस्य किसी न किसी प्रकार के मानसिक समस्या से ग्रस्त है, जिसे परिवार के अन्य सदस्य समझ नहीं पाते है जिसके कारण उनका समय से उपचार सम्भव नहीं हो पाता है। जानकारी के अभाव में हर 10 मानसिक रोगियों में से एक रोगी को ही उचित उपचार मिल पा रहा है। आज मानसिक रोगों के उपचार के लिए कही दूर जाने की आवश्यकता नहीं है, राष्ट्रीय टेलीमानस हेल्पलाईन नम्बर- 14416, 24X7 संचालित है जिस पर कॉल करके आप कहीं से भी मानसिक रोग परामर्शदाता/काउन्सलर से सेवायें प्राप्त कर सकते है। हमारे जनपद में प्रत्येक सीएचसी/पीएचसी एवं स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय/जिला संयुक्त चिकित्सालयपर प्रशिक्षित चिकित्सक, काउन्सलर एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से सम्बन्धित सेवायें प्रदान की जा रही है।"