Sonbhadra News : सड़कों पर गौशाला जैसा नजारा, कागजों व मीटिंग में सब OK
सरकार ने ऐसी दुर्घटनाओ को रोकने लिए प्रशासन को निर्देशित किया हुआ है लेकिन तस्वीरे खुद बयां कर रही है कि प्रशासन सरकार और कोर्ट के निर्देशों का कितना पालन कर रही है।

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2:26 PM, September 13, 2026
- गौवंशों से टकरा कर कई बार हो चुके हैं हादसे, मगर नहीं बन सकी ठोस रणनीति
शांतनु कुमार
सोनभद्र । यह तस्वीर किसी गौशाला की नहीं बल्कि सड़क की है। जिले में अमूमन हर सड़क पर ऐसे नजारे आपको देखने को मिल जायेंगे । शुक्रवार को सीडीओ ने गोवंश संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए बैठक की। लेकिन अधिकारियों को न इस समस्या पर आज तक नजर पड़ी और न इन्हें सड़कों से हटाने की दिशा में कोई जिम्मेदारी तय हुई । जबकि आवारा पशुओं को लेकर कोर्ट भी सख्त टिप्पणी कर चुकी है। वावजूद इसके अधिकारियों को इस तरफ बिल्कुक ध्यान नहीं है । सड़कों पर गाय बैठे रहने या आ जाने से जहाँ ट्रैफ़िक की रफ्तार थम जाती है वहीं सड़कों पर बैठी गौवंशों से टकरा कर कई लोग घायल हो जाते हैं तो कईयों की जान चली जाती है। सरकार ने ऐसी दुर्घटनाओ को रोकने लिए प्रशासन को निर्देशित किया हुआ है लेकिन तस्वीरे खुद बयां कर रही है कि प्रशासन सरकार और कोर्ट के निर्देशों का कितना पालन कर रही है। अक्सर जनपद में दुर्घटनाओं की खबरें आती रहती हैं, उनमें कई के पीछे कारण गौवंश भी होता है।
चुर्क नगर पंचायत क्षेत्र में आपको किसी भी वक्त गौवंश सड़कों पर बैठी या टहलते दिख जायेगी। जिसकी वजह से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार बच्चे साइकिल से टकरा कर चोटिल भी हो जाते हैं। चुर्क संवाददाता ने बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कत शाम के समय होती है जब सब्जी की दुकान पटरियों पर लग जाती है, उस दौरान सड़क पर गौवंशों के बैठे रहने से लोगों को चलने फिरने में काफी दिक्कत होती है। बताया जाता है कि कई बार तो सब्जी लेकर जा रहे हैं लोगों को पीछा कर गौवंश उनकी सब्जियां भी खा लेती हैं ।
चोपन में हाइवे पर गौवंशों के बैठे रहने के कारण तेज रफ्तार गाड़ियों से कई बार बड़ी दुर्घटना हो चुकी है लेकिन तत्काल तो बड़ा-बड़ा दावा किया जाता है मगर बाद में दावा ही भुला दिया जाता है। यह तस्वीर ही यह बताने के लिए काफी है कि प्रशासन जितना मीटिंग व दावे करती है धरातल पर उतना नजर नहीं आता।
रावर्ट्सगंज मुख्यालय पर भी वाराणसी-शक्तिनगर हाइवे पर गौवंश आपको सड़कों पर घूमते नजर आ जायेंगे। अक्सर दूरदराज से आने वाली गाड़ियों को इन अवारा पशुओं के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो दुर्घटना के शिकार भी हो जाते हैं। लेकिन चंद दूरी पर बैठे अधिकारियों को यह समस्या नहीं दिखती ।
कुल मिलाकर प्रशासन बैठक कर निर्देश तो जारी कर देती है लेकिन धरातल पर निर्देश कितना अमल में लाया जाता है इसकी मॉनिटरिंग किया जाना भी जरूरी है।




