Sonbhadra News : सरकार की नीतियों के खिलाफ किसान-मजदूरों का सत्याग्रह, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने का किया ऐलान
अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन एवं ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पर किसान-मजदूरों ने एकदिवसीय सत्याग्रह धरना-प्रदर्शन किया.........

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते किसान-मजदूर.........
sonbhadra
7:49 PM, August 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन एवं ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पर किसान-मजदूरों ने एकदिवसीय सत्याग्रह धरना-प्रदर्शन किया। सीपीआईएम के जिला मंत्री का0 नन्दलाल आर्य के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवान बड़ी संख्या में शामिल हुए।
किसान सभा के जिला संयोजक का0 प्रेमनाथ ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर और गरीब वर्ग परेशान हैं। राष्ट्रीय संपदा एवं सार्वजनिक क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपे जाने से असमानता बढ़ रही है।
वहीं खेत मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष का0 पुरुषोत्तम ने बेरोजगारी, महंगाई और मजदूरों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने, किसानों को फसलों का डेढ़ गुना मूल्य देने, चारों लेबर कोड वापस लेने, मनरेगा में 200 दिन काम और 700 रुपये मजदूरी सुनिश्चित करने, पेंशन बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने तथा वन अधिकार कानून लागू करने की मांग की।
इसके अलावा बेरोजगारों को रोजगार या बेरोजगारी भत्ता, पेपर लीक पर प्रभावी रोक, एनटीए व्यवस्था समाप्त करने, बिजली निजीकरण एवं स्मार्ट मीटर पर रोक, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने और महंगाई पर रोक लगाने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने धंधरौल जलाशय की खाली कृषि योग्य भूमि गरीबों को पट्टे पर देने, स्थानीय युवाओं को सोनभद्र के कारखानों में रोजगार देने तथा घोरावल के भैसवार गांव में वर्षों से लंबित चकबंदी पूरी कराने की भी मांग की। शाहगंज रजवाहा बंद होने से बिच्छी गांव की करीब 1600 बीघा भूमि की सिंचाई प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया गया।
इस दौरान का0 श्याम नारायण, का0 महेंद्र सिंह, का0 बच्चालाल, राजकुमार सिंह, पकड़ू सिंह, राजनारायण सिंह, लाल बहादुर सिंह, उदय प्रकाश, रामबचन, राजबली और रामेश्वर विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में किसान-मजदूर, महिलाएं और नौजवान मौजूद रहे। संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।




