Sonbhadra News : संचारी माह खत्म, फिर भी नहीं जागी ग्राम पंचायत, परिषदीय स्कूल में दो दिन लगातार निकला जहरीला साँप, खौफ में नौनिहाल
एक तरफ शासन-प्रशासन संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान गांवों में साफ-सफाई, जलभराव और झाड़ियों की सफाई को लेकर लगातार अभियान चलाने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर अभियान खत्म होने के बाद भी..........

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6:56 PM, August 7, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । एक तरफ शासन-प्रशासन संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान गांवों में साफ-सफाई, जलभराव और झाड़ियों की सफाई को लेकर लगातार अभियान चलाने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर अभियान खत्म होने के बाद भी विद्यालय के आसपास उगी झाड़ियां जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पतेरीटोला में लगातार दो दिनों से करैत सांप निकलने की घटना ने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। गनीमत रही कि दोनों घटनाओं में किसी छात्र या कर्मचारी को नुकसान नहीं पहुंचा।
दो दिन लगातार जहरीले सांप की दस्तक, विद्यालय में मची अफरा-तफरी -
बताया गया कि विद्यालय परिसर में लगातार दो दिनों तक जहरीला सांप दिखाई दिया। जहरीले सांप को देखते ही कुछ देर के लिए विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिससे किसी अप्रिय घटना को टाला जा सका। हालांकि लगातार दो दिनों तक जहरीले सांप के निकलने से विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
संचारी माह में सफाई के दावों की खुली पोल -
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 1 जुलाई से 1 अगस्त तक संचारी माह चलने के बावजूद विद्यालय के बाहर उगी झाड़ियों की समुचित सफाई क्यों नहीं हो सकी? बरसात के मौसम में झाड़ियां जहरीले सांपों और अन्य विषैले जीवों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन जाती हैं। ऐसे में विद्यालय जैसे संवेदनशील स्थान के आसपास सफाई व्यवस्था को लेकर बरती गई कथित उदासीनता सीधे तौर पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
संचारी माह में ग्राम पंचायतों को साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव की रोकथाम और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी जाती है। ऐसे में अभियान समाप्त होने के बाद विद्यालय के आसपास झाड़ियों का मौजूद रहना ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जमीनी स्तर पर अभियान के क्रियान्वयन पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
प्रधानाध्यापिका बोलीं- बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रधानाध्यापिका सुभद्रा पांडेय ने बताया कि "विद्यालय में लगातार दो दिनों तक करैत सांप दिखाई दिया था। सांप दिखाई देते ही शिक्षकों ने तत्काल सावधानी बरतते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्होंने कहा कि घटना में किसी भी छात्र या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए विद्यालय में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। परिसर की नियमित साफ-सफाई कराई जा रही है तथा दाई को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। विषैले जीवों से बचाव के लिए निगरानी बढ़ाई गई है और शिक्षण कार्य सुरक्षित माहौल में लगातार जारी है।"
आज सांप निकला है, कल न हो जाए हादसा -
करैत जैसे अत्यंत विषैले सांप का लगातार दो दिन विद्यालय परिसर में दिखाई देना महज संयोग मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं और बरसात के मौसम में सांपों के निकलने की आशंका और बढ़ जाती है। ऐसे में विद्यालय के आसपास की झाड़ियों की पूरी तरह सफाई, संभावित बिलों की जांच और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।




