Sonbhadra News : योगी राज में असुरक्षित संत? वन विभाग पर मारपीट और कुटिया उजाड़ने का आरोप
प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ स्वयं संत परंपरा से जुड़े माने जाते हैं, ऐसे में सोनभद्र में साधु-संतों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुकृत वन..

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2:47 PM, April 16, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• डीएम को ज्ञापन सौंप लगाई न्याय की गुहार
सोनभद्र । प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ स्वयं संत परंपरा से जुड़े माने जाते हैं, ऐसे में सोनभद्र में साधु-संतों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुकृत वन रेंज के रेंजर और टीम पर मारपीट, गाली-गलौज और कुटिया तोड़ने के आरोप लगने के बाद साधु-संतों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मामला अब जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गया है, जहां पीड़ित संतों ने डीएम को ज्ञापन सौंप न्याय की गुहार लगाई है।
30 साल की साधना, एक झटके में उजाड़ी कुटिया -
पीड़ित अरविंद ब्रह्मचारी ने बताया कि "वह लगभग 30 वर्षों से ग्राम सभा की भूमि (आ0नं0 24) पर कुटिया बनाकर भजन-पूजन कर रहे हैं। उन्होंने अपने श्रम से वहां करीब 50 आम के पेड़ लगाए, जिनमें से 25 पेड़ कई वर्षों से फल दे रहे हैं। उनका आरोप है कि 4 अप्रैल की शाम सुकृत वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी फोर्स के साथ पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उनके दो शिष्यों के साथ मारपीट की। इसके बाद कुटिया को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।"
सामान उठा ले जाने का आरोप -
संत ने बताया कि वन विभाग की टीम ने दो ट्रैक्टर मंगाकर कुटिया में रखा सामान भी उठा लिया। इसमें चार लकड़ी के तख्त, दो हजार-हजार लीटर की प्लास्टिक टंकियां, डिलीवरी पाइप, टुल्लू पंप और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। इस घटना के बाद गांव में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।
निशाने पर गरीब और संत -
अरविंद ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि संबंधित रेंजर गरीबों और आम लोगों के साथ भी कठोर व्यवहार करते हैं। यह सिर्फ कुटिया पर कार्रवाई नहीं, बल्कि संत समाज का अपमान है।
ग्रामीणों के साथ डीएम दफ्तर पहुंचे संत -
घटना के विरोध में साधु-संत और ग्रामीण बड़ी संख्या में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि अगर संतों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ये रहे मौजूद -
इस दौरान पुजारी नित्यानंद दारा, सहदेव आर्य, भानु प्रकाश राम, शिवशंकर पटेल, ब्रजेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



