Sonbhadra News : 'दिखवाते हैं' के भरोसे राहगीरों की सुरक्षा, घुवास मार्ग पर खुली नाली बनी जानलेवा
शहर में रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू हुआ तो लोगों ने बेहतर यातायात व्यवस्था की उम्मीद की थी, लेकिन निर्माण शुरू होते ही राहगीरों की मुश्किलें कम होने के बजाय लगातार बढ़ती चली गईं।

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7:25 PM, September 7, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । शहर में रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू हुआ तो लोगों ने बेहतर यातायात व्यवस्था की उम्मीद की थी, लेकिन निर्माण शुरू होते ही राहगीरों की मुश्किलें कम होने के बजाय लगातार बढ़ती चली गईं। कभी जाम, कभी एकल मार्ग और अब वैकल्पिक रास्ते की बदहाली। आरओबी निर्माण के बीच शहरवासियों का सफर मानो मुसीबतों की भूलभुलैया बन गया है। जिला प्रशासन और सदर विधायक भूपेश चौबे के हस्तक्षेप से वैकल्पिक मार्ग जरूर खुला, लेकिन जिस रास्ते से लोगों को राहत मिलनी थी, वहीं अब हादसों का खतरा बन गया है। राबर्ट्सगंज रेलवे फाटक से आवागमन प्रभावित होने के कारण छोटे ऑटो, टोटो और चार पहिया वाहन घुवास जाने वाले लिंक मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन इस मार्ग की हालत नगर पालिका की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। सड़क के बीच बनी नाली कई जगह से टूटकर खुली पड़ी है। यानी जिस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजर रहे हैं, वहां सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं।
घुवास मार्ग पर खुली और क्षतिग्रस्त नाली वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बनी हुई है। टोटो और दोपहिया वाहन चालक कई बार संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। रात में स्थिति और भयावह हो जाती है। अंधेरे में खुली नाली दिखाई नहीं देने पर किसी भी वाहन के उसमें गिरने से गंभीर हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासी मेराज शहीद, अनिल पासवान, सूर्य मौर्या, वाहिद आदि ने कहा कि "आरओबी निर्माण शुरू होने के बाद से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ी है। किसी तरह वैकल्पिक रास्ता मिला तो लोगों को लगा कि जाम से राहत मिलेगी, लेकिन घुवास मार्ग की हालत ने समस्या और बढ़ा दी। सड़क के बीच खुली नाली कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नगर पालिका को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।"
पूर्व सभासद राम प्रकाश ने कहा कि "वैकल्पिक मार्ग पर लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सड़क के बीच टूटी नाली छोड़ना बेहद गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि किसी हादसे के बाद मरम्मत कराने की बजाय नगर पालिका को पहले ही चेत जाना चाहिए।"
वहीं वर्तमान सभासद ओम प्रकाश ने कहा कि "आरओबी निर्माण के कारण पहले से ही लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में वैकल्पिक मार्ग की बदहाली राहगीरों की मुश्किल दोगुनी कर रही है। उन्होंने नगर पालिका से तत्काल नाली को दुरुस्त कराने और मार्ग को सुरक्षित बनाने की मांग की।"
इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने कहा कि "जे0ई0 को बोलकर दिखवाते हैं।"
बहरहाल आरओबी निर्माण के चलते पहले से ही परेशान राहगीरों के लिए घुवास मार्ग की बदहाली और सड़क के बीच खुली नालियाँ नई मुसीबत बन गई हैं। विकास कार्य जरूरी है, लेकिन उसके नाम पर लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर नगर पालिका 'दिखवाते हैं' से आगे कब बढ़ेगी? क्या जिम्मेदारों को कार्यवाही के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार है? जब आरओबी निर्माण के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ रहा है तो उस मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाना किसकी जिम्मेदारी है? यदि समय रहते घुवास मार्ग को दुरुस्त नहीं किया गया और कोई बड़ा हादसा हुआ तो उसकी जवाबदेही आखिर कौन तय करेगा?




