रमेश यादव (संवाददाता)
दुद्धी,सोनभद्र। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के संवैधानिक अधिकारों का हनन होने का आरोप लगाते हुए भारत बंद के आह्वान का असर दुद्धी में भी रहा,बंदी नही रही लेकिन बहुजन समाज पार्टी के नेतृत्व में स्थानीय खेल मैदान पर सभा का आयोजन कर कस्बे में जुलूस निकाली गई। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन तहसीलदार दुद्धी ज्ञानेंद्र कुमार यादव को सौंपा। राष्टपति को भेजें जा रहे ज्ञापन में कहा गया हैं कि बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के आदेश का अनुपालन करते हुए जिला यूनिट सोनभद्र द्वारा भारत बंद का पूर्ण समर्थन किया गया इसके आलावा गोणवाना गणतंत्र पार्टी,आजाद समाज पार्टी आदि ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम 11 सूत्रीय मांग पत्र तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव को सौंपा।मांग पत्र को सौंपते हुए बसपा के मंडल प्रभारी रामविचार गौतम ने बताया कि 1 अगस्त 2024, को माननीय सुप्रीम कोर्ट के सात सदस्यों की संविधान पीठ द्वारा दविंदर सिंह बनाम पंजाब राज्य, के केस में निर्णय देते हुए कहा है कि एस.सी. एस. टी. वर्गों को आरक्षण देते समय क्रीमी लेयर लागू कराने व इन वर्गों में उप-वर्गीकरण किया जायेगा, जिससे एस. सी. एस. टी. का भारी नुकसान होगा।उक्त आदेश से एस.सी. एस.टी. का आरक्षण खत्म कर देगा। जिसे बाबा साहब डा० भीमराव अम्बेडकर ने काफी संघर्ष के बाद दिलाया था।एस.सी. एस.टी. के आरक्षण का मूल आधार सामाजिक शोषण है न कि आर्थिक, देश की आजादी के बाद भी एस. सी. और एस. टी. वर्गों के ऊपर छूआ-छूत और अन्य अनेकों प्रकार के शोषण व उत्पीड़न सहने पड़ रहें है।चाहे देश में कांग्रेस पार्टी की सरकार रही हो या वर्तमान में भाजपा सरकार हमेशा एस. सी. एस. टी के आरक्षण को खत्म करने के लिए सरकारी नौकरियों को कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से कार्य कराया गया है। सरकारी उपक्रमों (संस्थानों) को निजी हाथों में बेच कर एस. सी. एस. टी. वर्गों को उनके आरक्षण से वंचित कर दिया गया है।किसी भी प्रकार का उप-वर्गीकरण इन जातियों के भीतर अलग-अलग व्यवहार करके समानता के अधिकार का घोर उलंघन करेगा, किन्तु 1 अगस्त 2024 के आदेश पारित करके माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 2004 को अपने ही आदेशों को पलट करके एस.सी. एस. टी. वर्ग का आरक्षण खत्म कर दिया है। एस. सी. एस. टी. वर्ग के लोगों ने जो अत्याचार सहे है, वह एक वर्ग और एक समूह के रूप में सहे है। अतः यह एक बराबर वर्ग है। जिसके भीतर किसी भी प्रकार का उप-वर्गीकरण करना भारतीय संविधान की मूल भावना के विपरीत होगा।आदेशों के बाद केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच भी मतभेद की स्थिति उत्पन्न होगी, क्योंकि अभी तक केवल संसद के पास किसी भी जाति की एस. सी. व एस. टी. में सम्मिलित करने या बाहर करने का पावर है, जिसे अब राज्य सरकार नही बदल सकती।
इस दौरान संदीप भारती,सुरेंद्र पासवान,रमेश चंद्र सिंह,संतोष गौड,फौजदार सिंह फरस्ते,राजेश धूसिया,सुरेंद्र पोया,सुखई सिंह,राजकुमार भारती बाबू राम,दयाशंकर सिंह जनकधारी सिंह सहित अन्य तादात में उपस्थित रहे।भारत बन्द एवं जुलूस के दौरान प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रही,तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार यादव तथा स्वयं एडिशनल एसपी त्रिभुवन सिंह,पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप सिंह चंदेल इंस्पेक्टर मनोज सिंह,भईया लाल,प्रमोद यादव,काशी सिंह कुशवाहा, उपनिरीक्षक एमपी सिंह, तेज बहादुर ,मुद्दू लाल सहित दर्जनों पुलिस पीएसी के जवान मुस्तैद रहे।