Sonbhadra News : आरओबी बना आफत, वैकल्पिक मार्ग दलदल में तब्दील, लाखों लोगों का सफर हुआ दुश्वार
रॉबर्ट्सगंज नगर में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) आम जनता के लिए राहत की बजाय बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। रेलवे क्रॉसिंग मार्ग बंद होने के बाद रामगढ़, चतरा, पन्नूगंज समेत बिहार सीमा.....

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7:27 PM, July 23, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज नगर में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) आम जनता के लिए राहत की बजाय बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। रेलवे क्रॉसिंग मार्ग बंद होने के बाद रामगढ़, चतरा, पन्नूगंज समेत बिहार सीमा तक के हजारों लोगों की जीवनरेखा माने जाने वाले रॉबर्ट्सगंज–पन्नूगंज मार्ग का पूरा आवागमन वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर हो गया है। लेकिन ये वैकल्पिक मार्ग खुद बदहाल, उबड़-खाबड़ और बारिश के बाद दलदल में तब्दील हो चुके हैं। नतीजा यह है कि विकास का सपना लोगों के लिए रोजाना की मुसीबत बन गया है।
आरओबी निर्माण शुरू होने से पहले सदर विधायक भूपेश चौबे ने जनता को भरोसा दिलाया था कि रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से पहले सभी वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े। लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी सड़कें जस की तस बनी हुई हैं। मानसून की पहली बारिश ने इन रास्तों की बदहाली उजागर कर दी है। जगह-जगह कीचड़, जलभराव और गड्ढों के बीच लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को उठानी पड़ रही है। एंबुलेंस तक को वैकल्पिक मार्गों से गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं, जबकि पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरओबी निर्माण एजेंसी ने पुल निर्माण पर तो पूरा ध्यान दिया, लेकिन जनता की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों को उपयोगी बनाने की जिम्मेदारी पूरी तरह नजरअंदाज कर दी। दूसरी ओर प्रशासन भी समस्या से अवगत होने के बावजूद समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठा सका, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
इधर, बढ़ती जनसमस्या को देखते हुए पूर्व विधायक तीरथराज के नेतृत्व में शहर के सभ्रांत नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर बदहाल वैकल्पिक मार्गों की समस्या से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सड़क मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
संयोगवश कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद सदर विधायक भूपेश चौबे ने भी जिलाधिकारी के समक्ष इस समस्या को प्रमुखता से उठाया और लोगों को भरोसा दिलाया कि वैकल्पिक मार्गों को जल्द दुरुस्त कराकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कराया जाएगा।
इस दौरान पूर्व विधायक तीरथराज ने कहा कि "विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, न कि उन्हें परेशान करना। वैकल्पिक मार्गों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। प्रशासन को इस मामले में युद्धस्तर पर काम करना चाहिए। जिलाधिकारी को अन्य वैकल्पिक मार्गों के बारे में अवगत कराया गया है, जिससे लोगों को कम दूरी में ही तहसील और जिला मुख्यालय तक आने में सुगमता होगी।"
वहीं समाजसेवी रवि चौबे ने कहा कि "आरओबी निर्माण जनहित की परियोजना है, लेकिन जनता को कीचड़ और बदहाल रास्तों के भरोसे छोड़ देना दुर्भाग्यपूर्ण है। जब तक वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुगम नहीं हो जाते, तब तक निर्माण एजेंसी और प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। जनता की सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।"
वहीं सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि "जनता की परेशानी मेरी प्राथमिकता है। जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से वार्ता हुई है। वैकल्पिक मार्गों को जल्द दुरुस्त कराकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कराया जाएगा। किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी।"
वहीं जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला तथा अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार को आरओबी निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और वैकल्पिक मार्गों को शीघ्र दुरुस्त कराने तथा आमजन की आवाजाही सुचारु करने का आश्वासन दिया।




