Sonbhadra News : कथित कांग्रेस नेता के दबंगई के आगे थमा सड़क निर्माण, न्याय की गुहार लेकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
रॉबर्ट्सगंज विकासखंड के ग्राम सभा बहुआर में पूर्वांचल विकास निधि से स्वीकृत सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। सड़क निर्माण में कथित तौर पर दबंगों द्वारा बाधा उत्पन्न किए जाने से आक्रोशित......

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3:28 PM, July 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज विकासखंड के ग्राम सभा बहुआर में पूर्वांचल विकास निधि से स्वीकृत सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। सड़क निर्माण में कथित तौर पर दबंगों द्वारा बाधा उत्पन्न किए जाने से आक्रोशित ग्रामीण शुक्रवार को बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक रसूख के बल पर स्वीकृत सरकारी सड़क का नक्शा बदलने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को उनकी समस्या के समाधान के लिए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से मिलकर प्रकरण से अवगत कराने का निर्देश दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मुन्नू मियां के घर से धर्मराज के घर तक जाने वाला सीधा मार्ग दशकों से सार्वजनिक आवागमन का रास्ता रहा है। इसी पारंपरिक मार्ग पर शासन ने पूर्वांचल विकास निधि (राज्यांश) से पक्की सड़क निर्माण की स्वीकृति दी थी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) द्वारा कार्य भी शुरू करा दिया गया था। आरोप है कि निर्माण शुरू होते ही कुछ प्रभावशाली लोगों ने आपत्ति जताते हुए काम रुकवा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में है और 'भारतीय सुखाचार अधिनियम, 1882' के तहत उनका वैधानिक अधिकार बन चुका है। इसके बावजूद राजस्व अधिकारियों द्वारा एक वैकल्पिक, लगभग 187 मीटर लंबे घुमावदार रास्ते को आधार बनाकर मूल मार्ग को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि उपजिलाधिकारी द्वारा पूर्व में त्वरित निस्तारण और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए जाने के बावजूद निचले स्तर पर उनका पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ दबंगों के प्रभाव में आकर प्रशासनिक स्तर पर स्वीकृत सड़क का मार्ग बदलने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मांग किया कि मूल स्वीकृत मार्ग पर पुलिस सुरक्षा के बीच तत्काल सड़क निर्माण शुरू कराया जाए, सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा तहसील स्तर पर लिए गए विवादित निर्णय की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए।
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण का विरोध करने वाले लोग खुद को कांग्रेस के कद्दावर नेता बताते हैं और उसी राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि यदि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता है तो सरकारी विकास कार्यों पर प्रभावशाली लोगों का कब्जा हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मूल स्वीकृत मार्ग पर सड़क निर्माण शीघ्र शुरू नहीं कराया गया तो सभी ग्रामीण कलेक्ट्रेट पर धरना देने को विवश होंगे।
विवाद के बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों के अनुसार कांग्रेस से जुड़े एक स्थानीय नेता सड़क को अपने पूर्वजों की जमीन बताते हुए यह कहते नजर आ रहे हैं कि "किसी भी सूरत में यहां सड़क नहीं बनने देंगे।" इस वीडियो के वायरल होने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है। हालांकि, वीडियो की जनपद न्यूज Live पुष्टि नहीं करता है।
इस दौरान आदर्श सिंह, रामधनी, विनोद कुमार पांडेय, राजेश यादव, रामजी, योगेंद्र कुमार, जामवंत मौर्य, रामाशीष, सुरेंद्र भारतीय, जयमूरत मौर्य, रिंकू, श्याम नारायण मौर्य, धर्मराज सिंह, आशुतोष सिंह, लल्लन मौर्य, प्रभाकर, सुधाकर, अपेक्षा पटेल, मंजू देवी, रीता देवी, कलावती, दौलती देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




