Sonbhadra News : बारिश से उफनाई जिले की नदियाँ, खतरे के निशान से महज दो मीटर नीचे पहुंचा सोन नदी का जलस्तर
सावन की शिवभक्ति के बीच जिले में बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से सोन नदी समेत जिले के प्रमुख बांधों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोन नदी का जलस्त....

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12:03 PM, August 19, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सावन की शिवभक्ति के बीच जिले में बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से सोन नदी समेत जिले के प्रमुख बांधों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोन नदी का जलस्तर बढ़कर 169.11 मीटर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 171 मीटर है। खतरे के निशान से महज करीब दो मीटर नीचे पहुंचा नदी का जलस्तर प्रशासन के लिए भी सतर्कता का संकेत है।
सावन के पवित्र महीने में जहां एक ओर मंदिरों में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंज रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बढ़ते जलस्तर ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त नदी-घाटों का रुख करते हैं। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आमजन से आस्था के साथ सावधानी बरतने की अपील की है।
104 एमएम बारिश से बढ़ा जलस्तर -
19 अगस्त को जिले में कुल 104 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। रॉबर्ट्सगंज में 25, दुद्धी में 22, घोरावल में 24 और ओबरा में सर्वाधिक 33 मिलीमीटर वर्षा हुई। जिले की औसत वर्षा 26 मिलीमीटर दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में पानी का बहाव बढ़ने के साथ ही बांधों और जलाशयों का जलस्तर भी ऊपर चढ़ रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक नगवां बांध का जलस्तर 351.34 मीटर, धनरौल का 313.93 मीटर, ओबरा का 192.60 मीटर और रिहंद बांध का 262.07 मीटर दर्ज किया गया है। जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
सावन में भक्ति के साथ सुरक्षा भी जरूरी -
जिला प्रशासन ने आमजन को आगाह करते हुए कहा कि बारिश के दौरान उफनती नदी, नाले अथवा जलाशय को पार करने की कोशिश किसी भी स्थिति में न करें। पुल, बैराज और जलाशयों के किनारे जाकर सेल्फी या वीडियो बनाने से भी बचें। खासकर कांवड़ियों और शिवभक्तों से अपील की गई है कि वे जलभराव और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। एक छोटी सी लापरवाही सावन की खुशी को मातम में बदल सकती है। इसलिए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि धार्मिक आस्था के साथ अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें।
बोले जिलाधिकारी : आस्था के साथ सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता -
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक स्थलों और नदी घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सोन नदी सहित जिले के सभी प्रमुख जलस्रोतों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने जिलेवासियों और विशेष रूप से शिवभक्तों से अपील करते हुए कहा कि बारिश के दौरान नदी, नाले, पुल, बैराज और जलाशयों के किनारे जाने से बचें। तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। सावन में भगवान शिव की भक्ति पूरी श्रद्धा से करें, लेकिन अपनी सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता न करें।
उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर ही सुरक्षित तरीके से धार्मिक आयोजन और यात्राएं संपन्न करें।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क -
किसी भी आपात स्थिति में आपदा कंट्रोल रूम 05444-297645, टोल फ्री नंबर 1077 अथवा पुलिस आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क किया जा सकता है।




