धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि "आठवें वेतन आयोग में पेंशनभोगियों को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें भी वेतन वृद्धि और अन्य लाभ मिल सकें। उन्होंने यह भी आशंका व्यक्त की कि यदि पेंशनभोगियों को इस आयोग से अलग रखा गया, तो उनकी पेंशन में वृद्धि नहीं होगी, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। केंद्रीय आठवें वेतन आयोग के गठन की कार्यवाही पूर्ण कर उसके नियम एवं शर्तों में पेंशन के पुनरीक्षण का विषय भी संदर्भित किया जाये। कर्मचरियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों के वेतन पुनरीक्षण की तिथि एवं वेतन निर्धारण के प्रचलित नियमों के अनुरुप ही पेंशनरों की पेंशन के पुनरीक्षण की तिथि एवं सिद्धान्त में समानता रखी जाये। पेंशनरों की पेंशन राहत का शासनादेश कर्मचारियों, शिक्षकों के मंहगाई भत्ते के शासनादेश की तिथि को ही जारी किया जाये।"