Sonbhadra News : आठवें वेतन आयोग में पेंशनर्स की उपेक्षा से खफा सेवानिवृत कर्मचारियों ने दिया धरना, सौंपा ज्ञापन
आठवें वेतन आयोग में पेंशनभोगियों की उपेक्षा से नाराज सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने आज सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले जिलाध्यक्ष सुरज बली सिंह के नेतृत्व में सेवानिवृत्त......

मांगों क़ो लेकर एसडीएम क़ो ज्ञापन सौंपते पेंशनर्स......
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1:58 PM, July 15, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आठवें वेतन आयोग में पेंशनभोगियों की उपेक्षा से नाराज सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने आज सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले जिलाध्यक्ष सुरज बली सिंह के नेतृत्व में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में आठवें वेतन आयोग में पेंशनभोगियों को शामिल न किए जाने के विरोध में धरना देकर एसडीएम क़ो 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। धरनारत सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि सरकार पेंशनभोगियों को आठवें वेतन आयोग से अलग रखने की कोशिश कर रही है, जिससे उनमें आक्रोश है।
पेंशन में वृद्धि नहीं होने से पेंशनर्स क़ो आर्थिक कठिनाइयों का करना पड़ेगा सामना -
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि "आठवें वेतन आयोग में पेंशनभोगियों को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें भी वेतन वृद्धि और अन्य लाभ मिल सकें। उन्होंने यह भी आशंका व्यक्त की कि यदि पेंशनभोगियों को इस आयोग से अलग रखा गया, तो उनकी पेंशन में वृद्धि नहीं होगी, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। केंद्रीय आठवें वेतन आयोग के गठन की कार्यवाही पूर्ण कर उसके नियम एवं शर्तों में पेंशन के पुनरीक्षण का विषय भी संदर्भित किया जाये। कर्मचरियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों के वेतन पुनरीक्षण की तिथि एवं वेतन निर्धारण के प्रचलित नियमों के अनुरुप ही पेंशनरों की पेंशन के पुनरीक्षण की तिथि एवं सिद्धान्त में समानता रखी जाये। पेंशनरों की पेंशन राहत का शासनादेश कर्मचारियों, शिक्षकों के मंहगाई भत्ते के शासनादेश की तिथि को ही जारी किया जाये।"
10 वर्ष की जाए पेंशन के राशिकरण की कटौती -
वक्ताओं ने मांग किया कि "मंहगाई राहत को मंहगाई भत्ते से डी-लिंक न किया जाये। वहीं देश में एनपीएस और यूपीएस की व्यवस्था के स्थान पर कर्मचारियों एवं शिक्षकों को परिभाषित लाभ पेंशन योजना ओपीएस ही प्रदान की जाये। पेंशन के राशिकरण की हो रही कटौती 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष लाई जाये। कोरोना काल में कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों के रोके गये 18 गहीने के डीए के एरियर का भुगतान तत्काल किया जाये। अनिवार्य शिक्षा अधिनियम को दृष्टि में रखते हुये गरीब बच्चों की पढ़ाई हेतु बने प्राथमिक विद्यालयों को न तो किसी अन्य विद्यालय में गर्ज किया जाये और न ही किसी प्राथमिक विद्यालय को बन्द किया जाये। सरकार का विद्यालयों क़ो मर्ज करने का निर्णय गरीब बच्चों को पढ़ाई से महरूम करेगा।"
धरने में ये रहे मौजूद -
इस धरने में विभिन्न विभागों के सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल रहे।




