Sonbhadra News : ओबरा ताप विद्युत परियोजना ओबरा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस
ओबरा ताप विद्युत परियोजना, ओबरा के संकुल में स्थित गांधी मैदान में 77वाॅं गणतन्त्र दिवस उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

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1:01 PM, January 27, 2026
घनश्याम पांडे (संवाददाता)
ओबरा (सोनभद्र)। ओबरा ताप विद्युत परियोजना, ओबरा के संकुल में स्थित गांधी मैदान में 77वाॅं गणतन्त्र दिवस भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश का अनुपालन करते हुए, उत्साह एवं हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर ओबरा ताप विद्युत गृह के मुख्य महाप्रबन्धक इं0 आर0के0 अग्रवाल ने प्रातः 08.30 बजे ध्वजारोहण कर एकत्रित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हम लोग 77वां गणतन्त्र दिवस मनाने के लिये एकत्रित हुए हैं।
एकत्रित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए इं0 आर0के0 अग्रवाल ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। अपने भाषण को शुरू करते हुए उन्होंने बताया कि इस संविधान में जिस राज्य व्यवस्था को संजोया गया उसमें लोकतंत्र, समता, पंथनिरपेक्षता और विधि के शासन को महत्ता दी गयी तथा समाजवादी व्यवस्था की स्थापना के लिए योजनाबद्व विकास पर बल दिया गया। यह संविधान आज ही के दिन सन् 1950 को लागू हुआ तथा इसी के साथ हमारा देश लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
गणतंत्र दिवस के इस अवसर पर, हमें यह समझना चाहिए कि हमारी जिम्मेदारी यह है कि हम अपने ऊर्जा संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करें और उन्हें सुरक्षित रखें। हमारा उद्देश्य है कि हम न केवल आज के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सस्ती और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखें। आप सभी को पता है कि ऊर्जा का महत्व बहुत अधिक है, और हमारे तापीय परियोजना का योगदान इसी संदर्भ में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। हम यहां नवाचार और प्रौद्योगिकी के साथ काम कर रहे हैं ताकि हम न केवल ऊर्जा उत्पादन में माहिर हो, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर भी देश को सबसे उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर सकें।
आजकल के परिवेश में कई समस्याएं विद्यमान हैं जो हम सभी को गहरे विचार करने पर मजबूर कर रही हैं। इसमें प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, और वन्यजीव संरक्षण जैसे मुद्दे शामिल हैं। हमारी तापीय परियोजनाओं का संचालन करने के दौरान, हमें इन समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाने होंगे।
विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में ओबरा तापीय परियोजना एक अग्रणी परियोजना रही है। ओबरा ‘ब’ परियोजना की 200मे0वा0 क्षमता की पाॅंचों इकाईयाॅ काफी पुरानी हो चुकी है फिर भी इनसे सस्ती एवं अधिक से अधिक विद्युत उत्पादन हेतु अधिकारी एवं कर्मचारी लगातार प्रयासरत् हैं। वर्ष 1977 से परिचालनरत् भारत की प्रथम 200 मे0वा0 होने का गौरव प्राप्त इकाई सं0 11 के साथ-साथ वर्तमान में ओबरा ब परियोजना की सभी पाॅंचों इकाइयों से पूर्ण क्षमता के साथ निर्बाध विद्युत उत्पादन हो रहा है। इन इकाइयों का वर्ष 2025 में विद्युत उत्पादन विगत वर्षों की तुलना में कहीं बेहतर रहा है।




