Sonbhadra News : विभाजन की विभीषिका को याद कर नम हुईं आंखें, एकता-अखंडता और सामाजिक सद्भाव का लिया संकल्प
देश के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले तथा विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति...

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड व अन्य..…..
sonbhadra
9:32 PM, August 14, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• कलेक्ट्रेट सभागार में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
• मंत्री बोले- इतिहास की त्रासदी से सीख लेकर मजबूत करें आपसी भाईचारा
सोनभद्र । देश के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले तथा विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया गया। कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रखकर विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई साथ ही देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
हमें एकता का महत्व सिखाती है विभाजन की पीड़ा - मंत्री
राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि "देश का विभाजन भारतीय इतिहास की सबसे पीड़ादायक घटनाओं में से एक रहा है। उस दौर में असंख्य परिवारों ने अपने लोगों को खोया और लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापन की पीड़ा झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने का अवसर है। इतिहास की इस त्रासदी से हमें सीख लेनी चाहिए कि आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता ही किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है।मंत्री ने कहा कि जाति, धर्म, क्षेत्र और भाषा के भेद से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ना ही विभाजन की पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि इतिहास की त्रासदी से सीख लेकर भावी पीढ़ी को शांति, सद्भाव और एकता का संदेश देना हम सभी का दायित्व है।"
नई पीढ़ी को इतिहास से परिचित कराना जरूरी -
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें इतिहास के उस कठिन दौर की याद दिलाता है, जब लाखों लोगों को विस्थापन, संघर्ष और अपनों से बिछड़ने की पीड़ा सहनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उन लोगों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए हमें समाज में शांति, सौहार्द, सहिष्णुता और आपसी भाईचारे की भावना को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्षों से परिचित कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इतिहास की पीड़ा हमें विभाजन नहीं, बल्कि एकता के महत्व का संदेश देती है। प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ विकसित, सशक्त और समरस भारत के निर्माण में सभी को योगदान देना चाहिए।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि -
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकगण एवं छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया।
ये रहे मौजूद -
इस अवसर पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, सहायक पर्यटन अधिकारी राजेश कुमार भारती, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक एवं छात्राएं मौजूद रहे।




