Sonbhadra News : रागी का लड्डू महिलाओं के लिए बना वरदान, आत्मनिर्भरता का लिख रही दास्तां
रागी यानि मडुवा का लड्डू सोनभद्र जिला के महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए आने वाले दिनों में वरदान साबित हो सकता है, क्योंकि जो लोग रागी का लड्डू खा रहे हैं, उसका मुरीद बनते जा रहे हैं। रागी के लड्डू...

रागी का लड्डू बनती समूह की महिलाएं..
sonbhadra
10:08 AM, October 20, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रागी यानि मडुवा का लड्डू सोनभद्र जिला के महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए आने वाले दिनों में वरदान साबित हो सकता है, क्योंकि जो लोग रागी का लड्डू खा रहे हैं, उसका मुरीद बनते जा रहे हैं। रागी के लड्डू की सबसे खास बात उसमें छिपे पोषण तत्व की है, जिससे कुपोषण को दूर भगाया जा सकता है साथ ही शरीर में खून की कमी को भी दूर करता है। वहीं आर्युवेद के तौर पर देखें तो रागी मधुमेह रोगियों के लिए भी काफी फायदेमंद है।
रागी में कई ऐसे चमत्कारी गुण हैं, जिसके उपयोग से शरीर की कई दुर्बलताओं को दूर किया जा सकता है। एनआरएलएम समूह की महिलाओं द्वारा बनाये गये रागी लड्डू में कई और पोषक तत्वों का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी विशेषता और बढ़ गई है। महिलाएं रागी के इस व्यवसाय से जुड़कर आत्म निर्भरता की दास्तां लिख सकती हैं।
बताते चलें कि सरकार द्वारा मिलेट्स फूड को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लोगों को रोजगार का नया अवसर मिल सके साथ ही मिलेट्स फूड खाने से कई तरह की बीमारियों से निजात मिलता है।
उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह के प्रयास से सोनभद्र में राज्य का पहला रागी प्रोसेसिंग युनिट स्थापित किया गया है, जिसका लाभ स्वत: ही दिखाई पड़ने लगा है। रागी के आटे की डिमांड भी पूरे देश में हैं, क्योंकि इसमें मौजूद पोषण तत्व शरीर के लिए काफी लाभकारी है।
करमा विकास खंड अंतर्गत हरियाली प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी निक्की देवी ने बताया कि "वह अपने समूह की अन्य महिलाओं के साथ रागी का लड्डू, बिस्किट, नमकीन आदि बनाने का कार्य कर रहे हैं, जिससे हमें काफी फायदा हो रहा है इन चीजों का बाजार में भी बहुत अधिक मांग है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन लखनऊ इकाई द्वारा 2000 लड्डू की मांग की गई थी जिसकी आपूर्ति लखनऊ में कर दी गई है। ₹500 प्रति किलो के आस-पास रागी का लड्डू बाजार में बिक रहा है जिससे न केवल महिलाओं में एक नया उत्साह पैदा हुआ है बल्कि रोजगार का एक सतत माध्यम भी प्रस्तुत होता दिखाई दे रहा है।"
जिला मिशन प्रबंधक एम0जे0रवि ने बताया कि "समूह सदस्य निक्की देवी द्वारा अपने समूह की अन्य 9 महिलाओं के साथ मिलकर के रागी का लड्डू बनाने का कार्य किया जा रहा है, जिसकी बाजार में काफी ज्यादा मांग है । जनपद सोनभद्र में बहुतायत मात्रा में मिलेट्स फूड जैसे रागी, जौ, मक्का, बाजार, सावा आदि का उत्पादन होता है जिसका समुचित बाजार न होने के कारण इनकी बिक्री नहीं हो पाती है जबकि यहां पर उत्पादित होने वाले मिलेट्स फूड पूरी तरीके से बिना किसी केमिकल के जैविक विधि से उत्पादित किए जाते हैं, ऐसे में समूह की महिलाओं ने मिलेट्स फूड को बढ़ावा देने के लिए कार्य करना शुरू किया है।"




