Sonbhadra News : दो नाबालिग बहनों के अपहरण-दुष्कर्म मामले में पुलिस पर उठे सवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
दुद्धी कोतवाली क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों के कथित अपहरण और दुष्कर्म का मामला अब पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के तत्काल बाद लिखित तहरी..........

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1:39 PM, July 19, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• एक सप्ताह तक पुलिस ने नहीं दर्ज किया FIR
दुद्धी । दुद्धी कोतवाली क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों के कथित अपहरण और दुष्कर्म का मामला अब पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के तत्काल बाद लिखित तहरीर देने और आरोपी की पहचान बताए जाने के बावजूद पुलिस करीब एक सप्ताह तक कार्रवाई टालती रही। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने हस्तक्षेप कर पुलिस प्रशासन से जवाब-तलब किया। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
रेलवे स्टेशन से किशोरियों को बहला-फुसलाकर गैर समुदाय के युवक द्वारा ले जाने का आरोप -
पीड़ित पिता महेंद्र पनिका के अनुसार, 9 जुलाई की शाम उनकी दोनों नाबालिग बेटियां दुद्धी रेलवे स्टेशन के पास बैठी थीं। इसी दौरान गैर समुदाय का युवक सुल्तान वहां पहुंचा और दोनों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ट्रेन में बैठा लिया। आरोप है कि वह उन्हें म्योरपुर रेलवे स्टेशन ले गया। रात में आगे कोई ट्रेन न मिलने पर आरोपी दोनों बहनों को पास के जंगल में ले गया, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, घटना किसी को बताने पर जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
सूझबूझ से बचीं दोनों बहनें, पहुंचीं रॉबर्ट्सगंज -
परिजनों के अनुसार, अगली सुबह आरोपी दोनों बहनों को घर छोड़ने का झांसा देकर फिर स्टेशन ले गया, लेकिन दुद्धी जाने वाली ट्रेन के बजाय चोपन की ओर जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। जब ट्रेन सोनभद्र रेलवे स्टेशन पहुंची तो दोनों बहनों को शक हुआ कि उन्हें कहीं और ले जाया जा रहा है। मौका मिलते ही दोनों ट्रेन से उतर गईं और रॉबर्ट्सगंज पहुंचकर एक राहगीर के मोबाइल से अपने परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही बाल संरक्षण टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक पूछताछ के बाद दोनों नाबालिगों को सुरक्षित नारी निकेतन भेज दिया गया।
'आरोपी को पकड़ा कर पुलिस ने छोड़ दिया' पीड़ित परिवार का आरोप -
पीड़ित पिता का आरोप है कि 10 जुलाई को ही उन्होंने दुद्धी कोतवाली में लिखित तहरीर दे दी थी। पुलिस ने आरोपी सुल्तान को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की, लेकिन रहस्यमय परिस्थितियों में उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद कई दिनों तक न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। इस दौरान पीड़ित परिवार लगातार न्याय की गुहार लगाता रहा, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा।
भाजपा जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद बदली तस्वीर -
मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल -
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिसिया कार्यवाही को कठघरे में खड़ा कर दिया है। यदि पीड़ित परिवार के आरोप सही हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब आरोपी की पहचान हो चुकी थी और उसे हिरासत में भी लिया गया था, तब आखिर उसे छोड़ा क्यों गया? शिकायत मिलने के बाद भी मुकदमा दर्ज करने में एक सप्ताह की देरी क्यों हुई? ऐसे संवेदनशील मामले में पुलिस की कथित ढिलाई अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।




