Sonbhadra news : 432.02 करोड़ की लागत से बनने वाली घाघर पुलिया पर उठे सवाल, बारिश से पहले निर्माण पूरा होना मुश्किल
मारकुंडी-गुरमा जिला जेल मुख्य संपर्क मार्ग स्थित घाघर नदी पुलिया के नवनिर्माण कार्य की धीमी प्रगति को लेकर क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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1:44 PM, May 13, 2026
राकेश चौबे
मारकुंडी, (सोनभद्र)। मारकुंडी-गुरमा जिला जेल मुख्य संपर्क मार्ग स्थित घाघर नदी पुलिया के नवनिर्माण कार्य की धीमी प्रगति को लेकर क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लगभग 432.02 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वपूर्ण पुल निर्माण कार्य को शुरू हुए करीब पांच माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्य जमीन स्तर से आगे नहीं बढ़ पाया है। स्थिति यह है कि पुल की नींव के लिए लगाए जाने वाले सरिए तक पूरी तरह खड़े नहीं हो सके हैं, जिससे आगामी बारिश से पहले कार्य पूर्ण होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाघर नदी पर बना पुराना पुल करीब 60 वर्ष पूर्व सीमेंट फैक्ट्री के समय बनाया गया था, जो अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। पुल की हालत लंबे समय से खराब होने के कारण यहां से गुजरने वाले भारी वाहनों, जिला कारागार से संबंधित वाहनों, पुलिस-पीएसी की गाड़ियों तथा आम नागरिकों को हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
क्षेत्रीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा जिला जेल प्रशासन द्वारा कई बार शासन और प्रशासन को लिखित व मौखिक रूप से पुल की स्थिति से अवगत कराया गया था। समाचार पत्रों और विभिन्न पोर्टलों के माध्यम से भी लगातार इस मुद्दे को उठाया जाता रहा। इसके बाद शासन स्तर से घाघर नदी पर नए पुल निर्माण को स्वीकृति मिलने पर लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही आवागमन की बड़ी समस्या दूर हो जाएगी।
इसी क्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजय कुमार सिंह गोंड तथा पूर्व सांसद नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने विधि-विधान एवं हवन-पूजन के साथ पुल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा दोनों नेताओं का फूल-मालाओं से स्वागत भी किया गया। शुभारंभ समारोह के बाद क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल था और उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही नया पुल तैयार हो जाएगा।
हालांकि, निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों में अब असंतोष बढ़ने लगा है। लोगों का आरोप है कि कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और संबंधित विभाग इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो बरसात के दौरान आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं निर्माण एजेंसी से मांग की है कि कार्य की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि बरसात से पहले पुल का मुख्य ढांचा तैयार हो सके और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।




