Azamgarh News : 51.46 लाख के घोटाले में जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार
शासकीय धन के दुरुपयोग और अवैध नियुक्त शिक्षकों को वेतन भुगतान करने के मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। उन पर शासनादेश के विपरीत.......

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4:34 PM, May 13, 2026
जनपद न्यूज ब्यूरो
आजमगढ़ । शासकीय धन के दुरुपयोग और अवैध नियुक्त शिक्षकों को वेतन भुगतान करने के मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। उन पर शासनादेश के विपरीत नियुक्त किए गए शिक्षकों को लगभग 51.46 लाख रुपये का भुगतान करने का आरोप है। मामले में डिप्टी डायरेक्टर समाज कल्याण आर0के0 चौरसिया की तहरीर पर 9 मई को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने 20 फरवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी एवं उनके पटल सहायक द्वारा शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया है। आरोप था कि जिन सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां शासनादेश के विपरीत हुई थीं और शासन स्तर से उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई थी, उन्हें फिर भी भुगतान कर दिया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की। टीम में जिला विकास अधिकारी और मुख्य कोषाधिकारी को शामिल कर पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से साक्ष्य और अभिलेख लिए गए।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि 10 सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां अवैध पाई गई थीं, जिनके वेतन भुगतान पर शासन ने रोक लगा रखी थी। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा लगभग 51.46 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी। शासन स्तर से अनुमति मिलने के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने बुधवार सुबह कुंवर सिंह उद्यान के पास से जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है।
एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि "अवैध रूप से नियुक्त 10 शिक्षकों को वेतन जारी करने के मामले में डिप्टी डायरेक्टर समाज कल्याण आरके चौरसिया द्वारा जिला समाज कल्याण अधिकारी और उनके पटल सहायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले की विवेचना के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई है। पुलिस पूरे प्रकरण में अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।"




