Sonbhadra News : खनन पट्टा संचालन के लिए जनसुनवाई का आयोजन, लोगों ने प्रशासन व खनन संचालक पर खानापूर्ति का लगाया आरोप
ग्राम सभा बिल्ली मारकुंडी के टोला कोठा टोला में खनन पट्टा के संचालन के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


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एम शर्मा (संवाददाता)
डाला (सोनभद्र) । ग्राम सभा बिल्ली मारकुंडी के टोला कोठा टोला में खनन पट्टा के संचालन के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जनसुनवाई कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और खनन संचालकों की कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों ने महज खाना पूर्ति की कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया है । कार्यक्रम में अधिकारियों द्वारा खनन संचालन से जुड़े नियमों को पढ़कर सुनाया गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे मात्र “खानापूर्ति” करार दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई में वास्तविक ग्राम पंचायत की भागीदारी नजर नहीं आई ग्रामीणों को आयोजित इस कार्यक्रम की सूचना नहीं दी गई। खनन व्यवसायियों पर यह भी आरोप लगा कि भीड़ एकत्रित करने के लिए चिन्हित लोगों को वाहनों से लाकर कार्यक्रम स्थल पर बैठाया गया और उन्हीं से हस्ताक्षर करवाकर औपचारिकता पूरी की गई।
जब अधिकारियों ने मंच से कहा कि “जिसे जो समस्या हो, खुलकर कहे”, तब ओबरा निवासी अभिषेक अग्रहरी ने अपने तथ्यों के साथ आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि जिन नियमों और निर्देशों के पालन की बात की जा रही है, जमीनी स्तर पर उनका अनुपालन कहीं नजर नहीं आता। उन्होंने अधिकारियों को उसी मार्ग की स्थिति देखने की बात कही, जिससे होकर वे कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे थे।
मजदूरों की स्वास्थ्य सुविधा का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। नियमों के अनुसार प्रत्येक खनन व्यवसायी को महीने में कम से कम एक दिन प्रदूषणजनित बीमारियों के लिए मेडिकल कैंप लगाना अनिवार्य है। लेकिन बिल्लीमारकुंडी ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगभग 35 से अधिक खदानें संचालित होने के बावजूद न तो कोई नियमित मेडिकल कैंप आयोजित होता है और न ही कोई स्थायी अस्पताल की व्यवस्था दिखाई देती है। प्रदूषण से जूझ रहे स्थानीय निवासियों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर भी असंतोष सामने आया। जनसुनवाई एक संचालित सरकारी विद्यालय परिसर में रखी गई, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई। ग्रामीणों का कहना था कि पहले से ही सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था चुनौतीपूर्ण है, ऐसे में विद्यालय के भीतर प्रशासनिक कार्यक्रम आयोजित करना न्यायोचित नहीं था।
पूरे कार्यक्रम के दौरान आम जनता में असंतोष और विरोधात्मक चर्चाएं स्पष्ट रूप से दिखाई दीं। कई लोगों ने इसे पूर्व नियोजित औपचारिकता बताते हुए वास्तविक समस्याओं पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
एडीएम सोनभद्र ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि जिन लोगों को कोई शिकायत या समस्या है, वे उनके कार्यालय में लिखित रूप से आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन द्वारा समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल बिल्लीमारकुंडी की इस जनसुनवाई ने खनन संचालन, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
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