वहीं सवर्ण आर्मी के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार दुबे ने कहा कि "ब्राह्मण समाज पर अपमानजनक टिप्पणी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज राजनीतिक दल केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए ब्राह्मण समाज को टारगेट कर रहे हैं, लेकिन सवर्ण समाज अब चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्राह्मण जो कहेंगे, वहीं सपा प्रमुख करेंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव एक तरकश में दो तीर रखना चाहते हैं, जो संभव नहीं है। एक तरफ ब्राह्मणों को सम्मान देने की बात की जाती है और दूसरी तरफ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती है। अगर अखिलेश यादव वास्तव में ब्राह्मण समाज का सम्मान करते हैं तो तत्काल राजकुमार भाटी को पार्टी से बर्खास्त करें। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह ब्राह्मण समाज के सम्मान के साथ खड़ी है या अपमानजनक बयान देने वालों के साथ। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा भगवान परशुराम को ‘लकड़हारा’ कहे जाने के मुद्दे पर भी अशोक दुबे ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और इस तरह के बयान सवर्ण समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक लाभ के लिए नेताओं द्वारा लगातार ब्राह्मणों और उनकी आस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिसे अब समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।"