Sonbhadra News : रेणुका नदी घाट पर दिखी आपदा से निपटने की तैयारी, मॉक ड्रिल में हुआ रेस्क्यू का अभ्यास
बारिश के मौसम में बाढ़ और जलभराव के साथ नदी में डूबने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को परखना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर तहसील ओबरा......

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6:31 PM, September 2, 2026
घनश्याम पांडेय (संवाददाता)
सोनभद्र । बारिश के मौसम में बाढ़ और जलभराव के साथ नदी में डूबने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को परखना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर तहसील ओबरा क्षेत्र स्थित रेणुका नदी के छठ घाट पर मॉक ड्रिल आयोजित कर आपदा की स्थिति में त्वरित बचाव और राहत कार्यों का अभ्यास कराया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान नदी में किसी व्यक्ति के डूबने की सूचना मिलने से लेकर उसे सुरक्षित बाहर निकालने और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया गया। संबंधित बचाव टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित कर दिखाया कि आपात स्थिति में किस तरह तेजी से मौके पर पहुंचकर डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।
इस दौरान सीआईएसएफ, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, मेडिकल टीम, आपूर्ति विभाग और पंचायती राज विभाग के कार्मिकों ने समन्वित रूप से प्रतिभाग किया। मॉक ड्रिल के जरिए विभागों के बीच आपसी तालमेल, त्वरित प्रतिक्रिया और राहत-बचाव की तैयारियों को परखा गया।
डूबते को बचाने में खुद न बनें मुसीबत में -
मॉक ड्रिल के दौरान आमजन को भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने अपील की कि बाढ़, जलभराव या नदी में तेज बहाव के दौरान लोग नदी, नाले, घाट और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। बच्चों को विशेष रूप से ऐसे स्थानों से दूर रखने की सलाह दी गई।
प्रशासन ने यह बताया कि नदी में किसी व्यक्ति को डूबता देखकर लोग भावावेश में स्वयं पानी में उतरकर जोखिम न उठाएं। तत्काल पुलिस, प्रशासन, आपदा राहत दल अथवा स्थानीय बचाव टीम को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित बचाव दल सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सके।
रेस्क्यू के बाद पीड़ित को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी मॉक ड्रिल में प्रदर्शित की गई। इससे आपदा की स्थिति में रेस्क्यू के साथ मेडिकल रिस्पांस को भी प्रभावी बनाने का अभ्यास किया गया।
नदी-घाटों से दूरी ही सबसे बड़ी सुरक्षा -
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की स्थिति में नदी अथवा जलभराव वाले क्षेत्रों की ओर अनावश्यक रूप से न जाएं। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों से दूर रखें तथा प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।




