Sonbhadra News : नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने की तैयारी, स्वापक नियंत्रण समिति की बैठक में बनी रणनीति
जनपद को नशामुक्त बनाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन और अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) वागीश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में........

स्वापक नियंत्रण समिति की बैठक करते एडीएम वागीश कुमार शुक्ला....
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5:14 PM, July 27, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद को नशामुक्त बनाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन और अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) वागीश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय स्वापक नियंत्रण समिति की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान नशे के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, युवाओं को नशीले पदार्थों की गिरफ्त से बचाने तथा अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला ने कहा कि "नशे के खिलाफ अभियान केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता भी इसमें बेहद जरूरी है। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की प्रभावी पैरवी और त्वरित निस्तारण के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाए रखें। उन्होंने शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग को विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देने के लिए शपथ, संगोष्ठी, रैली एवं जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।"
बैठक में युवाओं के बीच कोडीनयुक्त कफ सिरप, ट्रामाडोल तथा अन्य दर्द निवारक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। इसे रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग, औषधि विभाग और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाने तथा औषधि विक्रेताओं एवं आमजन को भी जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला ने निर्देश दिया कि "एनडीएलसी लाइसेंसधारियों का आबकारी निरीक्षक एवं ड्रग इंस्पेक्टर संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण करें, ताकि नियंत्रित एवं मादक औषधियों के भंडारण और वितरण की प्रभावी निगरानी की जा सके। साथ ही जनपद में किसी भी प्रकार की अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी पर विशेष नजर रखते हुए ऐसे मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।"
बैठक में जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जनपद में अवैध मादक फसलों की खेती रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए। यदि कहीं भी अवैध खेती पाए जाने की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस विभाग को अवगत कराते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कराई जाए।
अपर जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग को नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार, व्यसन मुक्ति और पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि "नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन नहीं, बल्कि समाज और सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।" उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ गंभीरता एवं संवेदनशीलता से कार्य करते हुए जनपद में मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का आह्वान किया।
बैठक में पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, कृषि, औषधि प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




