Sonbhadra News : प्रशासक बने प्रधानों के बंधे हाथ, डीएम से मांगी कामकाज की स्पष्ट व्यवस्था
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे ग्राम प्रधानों के सामने अब कामकाज संचालित करने का संकट खड़ा हो गया है। जनहित से जुड़े कार्यों के संचालन, स्वीकृत...

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते प्रधानगण....
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6:17 PM, June 9, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे ग्राम प्रधानों के सामने अब कामकाज संचालित करने का संकट खड़ा हो गया है। जनहित से जुड़े कार्यों के संचालन, स्वीकृति और भुगतान की स्पष्ट व्यवस्था न होने से विकास कार्य प्रभावित होने लगे हैं। इसी समस्या को लेकर मंगलवार को प्रधान संघ के अध्यक्ष सुरेश शुक्ला के नेतृत्व में प्रधानों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा और जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की मांग की।
प्रधान संघ ने कहा कि शासन द्वारा ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में ग्राम पंचायतों के आवश्यक कार्यों के संचालन का दायित्व तो सौंप दिया गया है, लेकिन कार्यों की स्वीकृति, भुगतान और जिम्मेदारी तय करने संबंधी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से ग्राम पंचायतों में व्यावहारिक परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं। इसका सीधा असर आम जनता से जुड़े विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
प्रधानों ने जिलाधिकारी को बताया कि भीषण गर्मी के बीच कई गांवों में पेयजल संकट की स्थिति बनी हुई है। हैंडपंपों की मरम्मत, रिबोर तथा आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था तत्काल कराना जरूरी है, लेकिन भुगतान और प्रशासनिक स्वीकृति की स्पष्ट प्रक्रिया न होने के कारण जनहित के महत्वपूर्ण कार्य अटक रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बरसात का मौसम नजदीक है और नालियों की सफाई, जल निकासी, रास्तों की मरम्मत तथा अन्य आवश्यक कार्य समय रहते नहीं कराए गए तो ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में प्रशासन को जल्द से जल्द कार्यप्रणाली स्पष्ट करनी चाहिए ताकि विकास कार्य बाधित न हों।
प्रधान संघ ने मांग की कि पेयजल संकट की स्थिति में टैंकर संचालन और भुगतान की स्पष्ट व्यवस्था तय की जाए। हैंडपंप मरम्मत, रिबोर एवं अन्य पेयजल संबंधी कार्यों की स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया निर्धारित की जाए। इसके अलावा वर्षा ऋतु से पहले कराए जाने वाले आवश्यक कार्यों के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय जिम्मेदारी तय करते हुए ग्राम पंचायत निधि से भुगतान के संबंध में स्पष्ट और सरल दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
प्रधान संघ अध्यक्ष सुरेश शुक्ला ने कहा कि यदि समय रहते दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए तो ग्राम पंचायतों में विकास और जनहित से जुड़े कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं, जिसका खामियाजा ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ेगा।
इस दौरान अनूप तिवारी, अनुपम तिवारी, विमलेश पांडेय, अमरजीत दुबे, मार्कण्डेय पटेल, शिवेंद्र साहनी, आजाद कुशवाहा, मुन्ना सिंह, विजय बहादुर पटेल, अरुण सिंह, विजय शुक्ला, रामप्रवेश यादव, सिंदरी समेत बड़ी संख्या में प्रधान प्रतिनिधि मौजूद रहे।




