Sonbhadra News : साइकिल सवार को बचाने में खेत में पलटी स्कूली बस, बड़ा हादसा टला
सदर कोतवाली रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के नई बाजार-देसरी गांव के पास आज सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बच्चों से भरी एक निजी विद्यालय की स्कूल बस साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर.....

सड़क किनारे पलटी स्कूल बस......
sonbhadra
11:27 AM, July 22, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सदर कोतवाली रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के नई बाजार-देसरी गांव के पास आज सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बच्चों से भरी एक निजी विद्यालय की स्कूल बस साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गई। हादसे के बाद बस में सवार बच्चों की चीख-पुकार से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दुर्घटना में कई बच्चों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें नई बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि रेलवे फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के चलते सोमवार से रेलवे फाटक को बाइक और साइकिल को छोड़कर अन्य सभी बड़े वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके कारण स्कूल बसों समेत अन्य भारी वाहनों को वैकल्पिक ग्रामीण मार्गों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जिन वैकल्पिक मार्गों से वाहनों का संचालन कराया जा रहा है, वे पहले से ही जर्जर, संकरे और कई स्थानों पर अतिक्रमण की चपेट में हैं। आज सुबह भी स्कूल बस ऐसे ही एक कच्चे और संकरे रास्ते से गुजर रही थी। इसी दौरान सामने आए साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सड़क किनारे खेत में पलट गई।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। बस के शीशे और दरवाजे खोलकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें नई बाजार स्थित एक निजी चिकित्सक के पास पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों को उनके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया।
डीएम से ग्रामीणों की गुहार -
घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग किया कि आरओबी निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक मार्गों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए तथा उन पर हुए अतिक्रमण को हटाकर मार्ग को चौड़ा और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वैकल्पिक मार्गों की स्थिति नहीं सुधारी गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने कहा कि आज तो ईश्वर की कृपा से सभी बच्चों की जान बच गई, लेकिन प्रशासन ने यदि इस चेतावनी से भी सबक नहीं लिया तो अगली बार परिणाम गंभीर हो सकते हैं।




