महाविद्यालय में स्नातक में कला, वाणिज्य तथा गणित व विज्ञान संकाय तथा स्नातकोत्तर स्तर पर कला वर्ग में हिंदी, राजनीति शास्त्र और समाजशास्त्र एवं विज्ञान संकाय में मात्र एक विषय वनस्पति विज्ञान से कक्षाएं संचालित है,परन्तु प्राध्यापकों के अभाव में आदिवासी, गिरिवासी, वनवासी उबड़ खाबड़ पठारी भू भागों में स्थित यह महाविद्यालय अपने क्षेत्र के छात्रों के उच्च शिक्षण संस्थान में शिक्षा प्राप्त कराने में असफल साबित हो रही है क्योंकि महाविद्यालय में 25 प्राध्यापक के पद सृजित है,जिसमें मात्र 11 कार्यरत हैं।महाविद्यालय में महत्वपूर्ण विषयों अर्थशास्त्र, इतिहास,संस्कृत, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान तथा गणित विषयों के पद रिक्त चल रहे हैं।जिससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय है