Sonbhadra News : दर्द से राहत ही नहीं, जिंदगी को फिर रफ्तार देती है फिजियोथेरेपी
बदलती जीवनशैली के बीच बढ़ती कमर, रीढ़ और कंधे के दर्द की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए फिजियोथेरेपी राहत का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है।

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8:33 PM, September 8, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र। बदलती जीवनशैली के बीच बढ़ती कमर, रीढ़ और कंधे के दर्द की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए फिजियोथेरेपी राहत का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। विश्व फिजियोथैरेपी दिवस के अवसर पर विन्ध्यवासिनी फिजिवो थेरेपी में आज जिले के फिजियोथैरेपिस्टों ने केक काटकर दिवस को धूमधाम से मनाया। इस दौरान विशेषज्ञों ने फिजियोथेरेपी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को इसके प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में विन्ध्यवासिनी फिजिवो थेरेपी के संचालक डॉ0 आशीष मिश्रा ने कहा कि विश्व फिजियोथैरेपी दिवस मनाने का उद्देश्य केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में दर्द और शारीरिक परेशानियों से प्रभावित लोगों को राहत दिलाने का संकल्प लेना भी है। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि लोग इसका लाभ लेकर अपने जीवन को अधिक सहज और सक्रिय बना सकें। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में स्पाइन, बैक पेन, शोल्डर पेन समेत विभिन्न प्रकार के दर्द और शारीरिक समस्याओं में फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीजों को राहत मिल रही है। नियमित और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी कई मरीजों को सामान्य दिनचर्या में लौटने में मदद कर सकती है।
वहीं, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ0 प्रमोद प्रजापति ने कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच फिजियोथेरेपी की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। यह केवल दर्द या चोट के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी, सर्जरी अथवा चोट के बाद मरीज को दोबारा सामान्य और सक्रिय जीवन में लौटाने में भी अहम भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि लोगों को दर्द को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। सही समय पर उपचार और आवश्यक फिजियोथेरेपी से शारीरिक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
इस मौके पर जिले के फिजियोथेरेपिस्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।




