Sonbhadra News : गुरुजी को नहीं भाया स्वतंत्रता दिवस की प्रभातफेरी तो बच्चों को झंडा-बैनर देकर भेज दिया अकेले, वीडियो वायरल
हाथों में बैनर और तिरंगा लिए प्रभातफेरी पर निकले ये बच्चे दुद्धी ब्लाक के मंगरदहा पहाड़ी विद्यालय के हैं। अकेले ये बच्चे देश का झंडा ऊँचा रहे हमारा... भारत माता की जय का नारा लगाते ...

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8:43 PM, August 16, 2026
- बीईओ ने मांगा स्पष्टीकरण
शांतनु कुमार
सोनभद्र। हाथों में बैनर और तिरंगा लिए प्रभातफेरी पर निकले ये बच्चे दुद्धी ब्लाक के मंगरदहा पहाड़ी विद्यालय के हैं। अकेले ये बच्चे देश का झंडा ऊँचा रहे हमारा... भारत माता की जय का नारा लगाते दिखे तो ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि अध्यापकों को स्वतंत्रता दिवस की प्रभात फेरी ही नहीं भाया, इस लिए प्रभातफेरी में शामिल नहीं हुए। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद अध्यापक सफाई देते नजर आये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के मंगरदहा बीड़र स्कूल का है। 15 अगस्त को जहाँ पूरे देश में आजादी का जश्न हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा था, वहीं इस प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों को यही आजादी बोझ महसूस होने लगी, जिसके बाद अध्यापकों ने स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चे हाथों में तिरंगा झंडा और 'सोन स्कूल कायाकल्प - शिक्षा का संकल्प', 'सोन पढ़ेगा, सोन बढ़ेगा' का सरकारी बैनर देकर अकेले प्रभातफेरी पर भेज दिया। गांव की पथरीली और धूल भरी सड़कों पर मासूम बच्चे अकेले प्रभातफेरी पर निकल पड़े। भारत माता की जय... महात्मा गाँधी अमर रहे... बंदे मातरम के नारे लगाते बच्चों को जब ग्रामीणों ने अकेले प्रभातफेरी करते देखा तो उन्होंने बच्चों से पूछा तो पूरा मामला सामने आ गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने बच्चों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चों की कतार के आगे-पीछे या सुरक्षा के लिए कोई भी शिक्षक या विद्यालय का स्टाफ मौजूद नहीं है।
गांव के रास्ते से जब बिना किसी शिक्षक के बच्चों का यह जुलूस गुजरा, तो ग्रामीणों की नजर इस पर पड़ी। बच्चों को इस तरह असुरक्षित तरीके से अकेले घूमता देख ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि यह बच्चों की सुरक्षा के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है। ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर आवारा पशुओं का खतरा रहता है और बिना किसी देखरेख के इतने छोटे बच्चों को अकेले छोड़ देना किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण देने जैसा है। ग्रामीणों ने सोनभद्र शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए।
वायरल वीडियो संज्ञान में आते ही दुद्धी ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रेम शंकर राम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में लिया है और स्पष्टीकरण मांगा हैं।उनका स्पष्ट कहना है कि राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण दिन पर इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुल मिलाकर दुद्धी का यह प्रकरण सिर्फ बच्चों के प्रभातफेरी का नहीं है बल्कि यह इस बात की गंभीरता को दर्शाता है कि ऐसी मानसिकता के अध्यापकों की गरीब के बच्चों के प्रति क्या नजरिया है।




