जब पत्रकारों ने सवाल किया कि वर्तमान जनप्रतिनिधियों की बढ़ी संपत्ति को लेकर उनके पास क्या प्रमाण हैं, तो रामराज गोंड ने और तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि "जनप्रतिनिधियों द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र ही सबसे बड़ा प्रमाण हैं। पहले चुनाव और वर्तमान संपत्ति के आंकड़ों की तुलना करा ली जाए तो सच्चाई खुद सामने आ जाएगी। जिन लोगों के पास पहले सामान्य संसाधन थे, आज वे करोड़ों-अरबों की संपत्ति के मालिक कैसे बन गए, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस सिर्फ सवाल उठा रही है, जवाब सरकार को देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन सरकार जांच कराने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने में लगी हुई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रही है, जबकि प्रदेश में किसान, युवा और गरीब वर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।"