Sonbhadra News : वैकल्पिक मार्ग बनाए बगैर बैरिकेडिंग पर भड़के लोग, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष के दखल के बाद हरकत में आया प्रशासन
रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग स्थित जोगियाबीर महाल रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर हलचल तेज हो गई है। रेलवे विभाग द्वारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले टिनशेड लगाकर बैरिकेडिं...

रेलवे फाटक पर भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ0 धर्मवीर तिवारी और स्थानीय लोगों के साथ वार्ता करते एसडीएम सदर, सीओ सिटी....
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4:38 PM, May 29, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग स्थित जोगियाबीर महाल रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर हलचल तेज हो गई है। रेलवे विभाग द्वारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले टिनशेड लगाकर बैरिकेडिंग और घेरेबंदी का कार्य शुरू कर दिया गया है। बहुप्रतीक्षित आरओबी निर्माण से जहां लोगों को जाम और घंटों रेलवे फाटक बंद रहने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं बिना समुचित वैकल्पिक व्यवस्था किए मार्ग बंद होने की आशंका ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बुधवार को बैरिकेडिंग शुरू होते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने मौके पर विरोध जताते हुए कहा कि बिना वैकल्पिक मार्ग तैयार किए मुख्य सड़क बंद करना आमजन को भारी संकट में डालने जैसा है। लोगों का कहना था कि यह मार्ग केवल रॉबर्ट्सगंज शहर ही नहीं बल्कि नगवां, चतरा, खलियारी क्षेत्र समेत बिहार तक जाने वाले हजारों लोगों की लाइफ लाइन है। प्रतिदिन स्कूली बच्चे, मरीज, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं।
स्थानीय लोगों की समस्या को लेकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ0 धर्मवीर तिवारी ने आज जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर तत्काल समाधान की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन जनता को परेशान करके नहीं। पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित हो, उसके बाद ही पूर्ण रूप से मार्ग बंद किया जाए।
पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ0 धर्मवीर तिवारी ने कहा कि "रेलवे और निर्माण एजेंसी को यह समझना होगा कि सड़क बंद करना केवल बैरिकेडिंग लगाने भर का मामला नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी इससे प्रभावित होगी। अगर वैकल्पिक मार्ग तैयार किए बिना रास्ता बंद किया गया तो स्कूली बच्चों, मरीजों, व्यापारियों और ग्रामीणों को भारी संकट झेलना पड़ेगा। विकास कार्य जरूरी है, लेकिन जनता को परेशान कर नहीं। पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित हो, उसके बाद ही पूर्ण रूप से मार्ग बंद किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि रेलवे प्रशासन ने न तो समय रहते कोई स्पष्ट सूचना जारी की और न ही यह बताया कि रास्ता कितने दिनों तक बाधित रहेगा। “प्रशासन को जनता को अंधेरे में रखकर काम नहीं करना चाहिए। यह सड़क सैकड़ों गांवों को जोड़ती है। यदि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई तो लोगों में आक्रोश बढ़ेगा।"
पूर्व जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप और मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल एसडीएम सदर अश्वनी कुमार, सीओ सिटी रणधीर मिश्रा, ट्रैफिक पुलिस, रेलवे विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को मौके पर भेजा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर समस्या के समाधान का प्रयास किया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका आपसी समन्वय से जल्द वैकल्पिक मार्ग तैयार करेंगे, ताकि लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना न करना पड़े साथ ही अतिक्रमण करने वालों को स्वयं कब्जा हटाने की चेतावनी भी दी गई।
वहीं एसडीएम सदर अश्वनी कुमार ने बताया कि "छोटे वाहनों के लिए तेंदू मार्ग तथा बड़े वाहनों के लिए मधुपुर मार्ग पहले से वैकल्पिक रास्ते के रूप में निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा रेलवे ट्रैक किनारे बायपटरी मार्ग को बाइक आवागमन के लिए उपयोग करने की मांग की गई है, जिस पर रेलवे और पीडब्ल्यूडी विभाग मिलकर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि वहां मौजूद अवरोध हटाने के लिए लोगों से सहयोग मांगा जाएगा और रास्ते को व्यवस्थित कर सुरक्षित आवागमन योग्य बनाया जाएगा। एसडीएम अश्वनी कुमार ने कहा कि रेलवे का यह कार्य जनहित से जुड़ा हुआ है और इसके पूरा होने के बाद लोगों को यातायात जाम और रेलवे फाटक बंद रहने की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर आने वाली समस्याओं का समाधान किया जाएगा।"




